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बंगला, गाड़ी फिर भी ले रहे थे राशन, अब होगी रिकवरी
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झांसी। जिले में राशन कार्ड सत्यापन में तमाम लोगों की पोल खुल रही है। ऐसे-ऐसे लोग राशन लेते हुए मिले जिनके घर में गाड़ी है, पक्के मकान बने हुए हैं, उसके बाद भी राशन ले रहे हैं। मऊरानीपुर में सत्यापन के दौरान एक पालिका कर्मचारी अंत्योदय कार्ड पर राशन का लाभ लेते मिला। इसके साथ 11 अपात्र लोग ऐसे पाए गए जिन्होंने राशन कार्ड बनवा रखे थे। विभाग ने इन कार्ड धारकों को नोटिस देकर कार्ड निरस्त कर दिए हैं।
मऊरानीपुर के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने सोमवार को मऊरानीपुर के एक मोहल्ले में राशन कार्ड की जांच को पहुंचे। जहां एक पालिका कर्मचारी असगर अहमद ने मां और बेटे के नाम पर अंत्योदय कार्ड बनवाया हुआ था। जांच के दौरान पूछताछ में सामने आया कि वे सालों से राशन ले रहे थे। इसके साथ ही जलालुद्दीन, लक्ष्मी पत्नी मुन्नालाल ने इंजीनियर होने के बाद अंत्योदय कार्ड, सरकारी अध्यापक लक्ष्मीकांत ने पात्र गृहस्थी, फैक्ट्री चालक देवकादेवी पत्नी मुन्नालाल के नाम पर अंत्योदय कार्ड, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री केशर पत्नी दीनदयाल ने अंत्योदय कार्ड, दो गाड़ियों के मालिक काशीबाई पत्नी मुुकुंदी ने अंत्योदय, पुत्र पुलिस में नौकरी होने के बाद कमला पत्नी भगवानदास ने पात्र गृहस्थी, बेटे के डॉक्टर होने के बाद चमेली पत्नी रामगोपाल ने पात्र गृहस्थी, पुत्री की रेलवे में तैनाती के बाद भी माया देवी पत्नी हरप्रसाद ने पात्र गृहस्थी, बस मालिक शरीफुननिशा पत्नी अशफाक ने पात्र गृहस्थी, बड़ा आवास और व्यापारी जरीना पत्नी मोहम्मद इलियास ने पात्र गृहस्थी कार्ड बनवाया हुआ है। जांच के दौरान सभी के कार्ड निरस्त कर दिए गए। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि जिन कार्ड धारकों को कार्ड सरेंडर करना हो, वे एक सप्ताह में कर दें। इसके बाद रिकवरी की जाएगी।
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मऊरानीपुर के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने सोमवार को मऊरानीपुर के एक मोहल्ले में राशन कार्ड की जांच को पहुंचे। जहां एक पालिका कर्मचारी असगर अहमद ने मां और बेटे के नाम पर अंत्योदय कार्ड बनवाया हुआ था। जांच के दौरान पूछताछ में सामने आया कि वे सालों से राशन ले रहे थे। इसके साथ ही जलालुद्दीन, लक्ष्मी पत्नी मुन्नालाल ने इंजीनियर होने के बाद अंत्योदय कार्ड, सरकारी अध्यापक लक्ष्मीकांत ने पात्र गृहस्थी, फैक्ट्री चालक देवकादेवी पत्नी मुन्नालाल के नाम पर अंत्योदय कार्ड, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री केशर पत्नी दीनदयाल ने अंत्योदय कार्ड, दो गाड़ियों के मालिक काशीबाई पत्नी मुुकुंदी ने अंत्योदय, पुत्र पुलिस में नौकरी होने के बाद कमला पत्नी भगवानदास ने पात्र गृहस्थी, बेटे के डॉक्टर होने के बाद चमेली पत्नी रामगोपाल ने पात्र गृहस्थी, पुत्री की रेलवे में तैनाती के बाद भी माया देवी पत्नी हरप्रसाद ने पात्र गृहस्थी, बस मालिक शरीफुननिशा पत्नी अशफाक ने पात्र गृहस्थी, बड़ा आवास और व्यापारी जरीना पत्नी मोहम्मद इलियास ने पात्र गृहस्थी कार्ड बनवाया हुआ है। जांच के दौरान सभी के कार्ड निरस्त कर दिए गए। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि जिन कार्ड धारकों को कार्ड सरेंडर करना हो, वे एक सप्ताह में कर दें। इसके बाद रिकवरी की जाएगी।
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