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परवल-तरोई 80 रुपये किलो के पार, नीबू पहुंचा 200 , दाल और घी-तेल भी खा रहे भाव
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झांसी। विधानसभा चुनाव निपटने के बाद से पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से सब्जियों और खाद्यान्न के रेट भी बढ़ गए हैं। बाजार में परवल 120 रुपये तो तरोई 80 रुपये किलो बिक रही है। वहीं, नीबू 200 रुपये किलो हो गया है। दाल और घी-तेल के दाम भी घर की थाली के भाव बढ़ा रहे हैं।
मार्च शुरू होते ही महंगाई ने लोगों की समस्या बढ़ा ही है। इस महंगाई से जहां गृहणियों की रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। वहीं, नौकरी-पेशा वाले भी परेशान हैं कि बच्चों की पढ़ाई और घर-गृहस्थी छाई इस महंगाई से गुजारा कैसे होगा।
थोक और फुटकर दुकानदारों की मानें तो महीने भर के भीतर ही सब्जियों के साथ ही खाद्य सामग्री के दामों में दस से पंद्रह फीसदी तक का इजाफा हो गया है, कई सब्जियाें के दाम तो महीने भर में लगभग दोगुने पर पहुंच गए हैं।
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बोले थोक कारोबारी
डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य सामग्री के दामों पर पड़ा है। भाड़ा बढ़ने से वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं।
राम सिंघल, थोक कारोबारी
-
खाद्य सामग्री देश के अलग-अलग शहरों से आती है। भाड़ा बढ़ता है दामों में भी इजाफा हो जाता है। वर्तमान में किराने के सामान पर पांच से दस फीसदी तक दाम बढ़े हैं।
संजीव अग्रवाल, थोक कारोबारी
अधिकतर सब्जियां बाहर से आती हैं। डीजल के दामों के कारण भाड़ा तीस से चालीस फीसदी तक बढ़ गया है। जिससे सब्जियों के दाम भी बढ़ाए गए हैं।
अली अहमद, थोक सब्जी कारोबारी
अचानक बढ़ी गर्मी का असर पैदावार पर भी पड़ा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने और पैदावार कम होने के कारण सब्जियों पर महंगाई है।
सुनीता-फुटकर सब्जी विक्रेता
बोलीं महिलाएं
महंगाई ने तो आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। खाद्य सामग्री के साथ ही सब्जियों के दामों में भी रोजाना बढ़ोतरी हो रही है।
अपर्णा चौबे, गृहिणी
दामों में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। जिसका सबसे अधिक असर मध्यम परिवारों पर पड़ रहा है। महंगाई पर नियंत्रण आवश्यक है।
निधि अग्रवाल, गृहिणी
डीजल, पेट्रोल और गैस के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। सब्जियाें और खाद्य सामग्री के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।
शिविजा भटनागर, गृहिणी
रोजाना बढ़ रही महंगाई से तो आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। जिससे रसोई का बजट दोगुना हो गया है। कीमतों पर नियंत्रण जरूरी है।
कविता यादव, गृहिणी
सब्जियां चुनाव से पहले (प्रतिकिलो) अब
परवल 50 120
तोरई 60 80
मटर 30 40
बैंगन 20 30
सेम 25 40
अदरक 40 60
धनिया 30 50
नीबू 80 200
लहसुन 60 100
हरी मिर्च 60 120
खाद्य सामग्री चुनाव से पहले (प्रतिकिलो) अब
दाल अरहर 100 110
दाल चना 55 75
दाल मूंग 100 110
दाल उड़द 90 110
तेल रिफाइंड 135 175
तेल सरसों 140 200
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मार्च शुरू होते ही महंगाई ने लोगों की समस्या बढ़ा ही है। इस महंगाई से जहां गृहणियों की रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। वहीं, नौकरी-पेशा वाले भी परेशान हैं कि बच्चों की पढ़ाई और घर-गृहस्थी छाई इस महंगाई से गुजारा कैसे होगा।
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थोक और फुटकर दुकानदारों की मानें तो महीने भर के भीतर ही सब्जियों के साथ ही खाद्य सामग्री के दामों में दस से पंद्रह फीसदी तक का इजाफा हो गया है, कई सब्जियाें के दाम तो महीने भर में लगभग दोगुने पर पहुंच गए हैं।
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बोले थोक कारोबारी
डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य सामग्री के दामों पर पड़ा है। भाड़ा बढ़ने से वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं।
राम सिंघल, थोक कारोबारी
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खाद्य सामग्री देश के अलग-अलग शहरों से आती है। भाड़ा बढ़ता है दामों में भी इजाफा हो जाता है। वर्तमान में किराने के सामान पर पांच से दस फीसदी तक दाम बढ़े हैं।
संजीव अग्रवाल, थोक कारोबारी
अधिकतर सब्जियां बाहर से आती हैं। डीजल के दामों के कारण भाड़ा तीस से चालीस फीसदी तक बढ़ गया है। जिससे सब्जियों के दाम भी बढ़ाए गए हैं।
अली अहमद, थोक सब्जी कारोबारी
अचानक बढ़ी गर्मी का असर पैदावार पर भी पड़ा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने और पैदावार कम होने के कारण सब्जियों पर महंगाई है।
सुनीता-फुटकर सब्जी विक्रेता
बोलीं महिलाएं
महंगाई ने तो आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। खाद्य सामग्री के साथ ही सब्जियों के दामों में भी रोजाना बढ़ोतरी हो रही है।
अपर्णा चौबे, गृहिणी
दामों में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। जिसका सबसे अधिक असर मध्यम परिवारों पर पड़ रहा है। महंगाई पर नियंत्रण आवश्यक है।
निधि अग्रवाल, गृहिणी
डीजल, पेट्रोल और गैस के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। सब्जियाें और खाद्य सामग्री के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।
शिविजा भटनागर, गृहिणी
रोजाना बढ़ रही महंगाई से तो आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। जिससे रसोई का बजट दोगुना हो गया है। कीमतों पर नियंत्रण जरूरी है।
कविता यादव, गृहिणी
सब्जियां चुनाव से पहले (प्रतिकिलो) अब
परवल 50 120
तोरई 60 80
मटर 30 40
बैंगन 20 30
सेम 25 40
अदरक 40 60
धनिया 30 50
नीबू 80 200
लहसुन 60 100
हरी मिर्च 60 120
खाद्य सामग्री चुनाव से पहले (प्रतिकिलो) अब
दाल अरहर 100 110
दाल चना 55 75
दाल मूंग 100 110
दाल उड़द 90 110
तेल रिफाइंड 135 175
तेल सरसों 140 200