फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Pages changed in measurement book, 25 lakhs paid

माप पुस्तिका में बदल दिए पेज, कर दिया 25 लाख का भुगतान

Fri, 16 Jul 2021 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
Pages changed in measurement book, 25 lakhs paid
झांसी। नित नए कारनामों के कारण सुर्खियों में रहने वाले जल संस्थान में नया कारनामा सामने आया है। यहां पर महाप्रबंधक कार्यालय में एक माप पुस्तिका (मेजरमेंट बुक) के पुराने पेज हटाकर नए पेज लगा दिए और 25 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। अब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, नगर विकास के प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त से की गई है।
विज्ञापन

फर्जी वर्क आर्डर मामले में विजिलेंस जांच का सामना कर रहे जलसंस्थान में गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही हैं। ठेकेदारों के फर्जी बिलों को लेकर मंडलायुक्त द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़े हुए अभी चार दिन भी नहीं बीते कि ब्लीचिंग की खरीद में दो - दो वर्क आर्डर जारी करने का मामला प्रकाश में आ गया है। इसके अलावा मंडलायुक्त से यह भी शिकायत की गई है कि जल संस्थान में मेजरमेंट बुक में हेरफेर करके 25 लाख रुपये ठिकाने लगाए गए हैं।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सहसंयोजक चंद्रभान राय ने मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र में बताया कि महाप्रबंधक कार्यालय की एक मेजरमेंट बुक (एमबी) के पुराने पेज हटाकर बाजार से नए पेज क्रमांक 127 छपवाकर 25 लाख रुपये का मेजरमेंट बैक डेट में कर दिया गया। नए पेज पर अप्रैल- 2021 डालकर नया पेज लगा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विभागीय कर्मचारी की इसमें संलिप्तता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या होती है माप पुस्तिका (एमबी)
कोई भी सरकारी विभाग हो, उसमें काम करने वाले ठेकेदार द्वारा किए गए काम का ब्योरा तैयार करने के लिए मेजरमेंट बुक (एमबी) बनाई जाती है। इसमें लिखा होता है कि कितना काम था, कितना किया, क्या- क्या जरूरत पड़ी, कहां से और कितने पैसे खर्च कर लाया गया। कुल मिलाकर मेजरमेंट बुक में किसी काम का पूरा ब्योरा होता है।

विभाग में कागजों को दबाया जा रहा
जलसंस्थान के महाप्रबंधक कार्यालय में अब विभागाीय कारनामों को दबाया जाने लगा है। सूत्रों के अनुसार कारनामे करने वाले कर्मचारियों को लग रहा है कि कार्रवाई की तलवार उन पर कभी लटक सकती है। मेजरमेंट बुक में फर्जी वाड़ा करके भी सप्लायर को फायदा पहुंचाया गया।
शिकायत गंभीर है। मेजरमेंट बुक का पेज बदलना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसकी जानकारी मिली है और पड़ताल कराई जा रही है।
- कुलदीप सिंह, प्रभारी महाप्रबंधक
जलसंस्थान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed