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Jhansi News: अब केंद्रीय जल आयोग सुलझाएगा 221 किमी लंबी नहर में फंसा पेच
Mon, 29 Jun 2026 02:20 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 29 Jun 2026 02:20 AM IST
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झांसी। महत्वाकांक्षी केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट (केबीएलपी) का काम तमाम दावों के बावजूद झांसी में जमीनी स्तर पर शुरू नहीं हो पा रहा है। केन और बेतवा नदी को आपस में जोड़ने के लिए सबसे अहम 221 किलोमीटर लंबी नहर के एमपी हिस्से को लेकर फंसा पेंच अभी तक नहीं सुलझ सका। राह निकलती न देख अब केंद्रीय जल आयोग को दखल देना पड़ रहा है। टीम जल्द ही यहां पहुंचेगी, जिससे नहर के रास्ते को अंतिम रूप दिया जा सके। उम्मीद जताई जा रही कि जुलाई के पहले सप्ताह तक यह विवाद निपट जाए।
नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में दोनों नदियों को जोड़ने के लिए यह नहर बनाई जानी है। नहर पन्ना के दौधन बांध से लेकर झांसी के बरुआसागर तक आनी है। यूपी में सिर्फ 21 किलोमीटर ही नहर बनाई जानी है जबकि मध्य प्रदेश में नहर का बड़ा हिस्सा बनाया जाना है। निवाड़ी में जहां से नहर के गुजरने का प्रस्ताव था, वहां कलेक्ट्रेट बन गया। इस वजह से मामला फंस गया। इस जगह में बदलाव करने से यूपी को भी अपने रास्ते में बदलाव करना पड़ेगा जबकि यहां अधिग्रहण कार्रवाई भी शुरू हो गई। इस वजह से यूपी नहर के रास्ते को बदलना नहीं चाहता जबकि मध्य प्रदेश पक्ष इसमें आंशिक तौर पर परिवर्तन करना चाहता है। इस वजह से ही यह मामला अभी तक अटका हुआ है। सिंचाई अफसरों की बैठक भी हो चुकी। इसमें कलेक्ट्रेट के नीचे सुरंग के सहारे नहर को आगे ले जाने पर भी विचार हुआ लेकिन, इस पर बात नहीं बन सकी। मामला सुलझता न देख यह मामला अब केंद्रीय जल आयोग के पास भेजा गया है। मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला ने बताया कि जल्द ही केंद्रीय जल आयोग की टीम यहां आएगी। टीम मौके पर जाकर इसका परीक्षण करेगी।
अभी तक कागजों से बाहर नहीं आ सका प्रोजेक्ट
केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-22 में मंजूरी दे दी लेकिन, करीब चार साल बीत जाने के बावजूद इस प्रोजेक्ट का काम तेजी नहीं पकड़ सका है। अभी शुरूआती काम बांदा एवं मध्य प्रदेश में ही कराए जा रहे हैं लेकिन, वहां भी इनकी रफ्तार काफी धीमी है। झांसी में इनके काम अभी तक शुरू नहीं हो सके। बता दें, करीब 50 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिये झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा में 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई समेत पेयजल मिलेगा। केंद्र सरकार की मंजूरी न मिलने की वजह से यह प्रोजेक्ट करीब 17 साल तक अटका रहा था।
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नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में दोनों नदियों को जोड़ने के लिए यह नहर बनाई जानी है। नहर पन्ना के दौधन बांध से लेकर झांसी के बरुआसागर तक आनी है। यूपी में सिर्फ 21 किलोमीटर ही नहर बनाई जानी है जबकि मध्य प्रदेश में नहर का बड़ा हिस्सा बनाया जाना है। निवाड़ी में जहां से नहर के गुजरने का प्रस्ताव था, वहां कलेक्ट्रेट बन गया। इस वजह से मामला फंस गया। इस जगह में बदलाव करने से यूपी को भी अपने रास्ते में बदलाव करना पड़ेगा जबकि यहां अधिग्रहण कार्रवाई भी शुरू हो गई। इस वजह से यूपी नहर के रास्ते को बदलना नहीं चाहता जबकि मध्य प्रदेश पक्ष इसमें आंशिक तौर पर परिवर्तन करना चाहता है। इस वजह से ही यह मामला अभी तक अटका हुआ है। सिंचाई अफसरों की बैठक भी हो चुकी। इसमें कलेक्ट्रेट के नीचे सुरंग के सहारे नहर को आगे ले जाने पर भी विचार हुआ लेकिन, इस पर बात नहीं बन सकी। मामला सुलझता न देख यह मामला अब केंद्रीय जल आयोग के पास भेजा गया है। मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला ने बताया कि जल्द ही केंद्रीय जल आयोग की टीम यहां आएगी। टीम मौके पर जाकर इसका परीक्षण करेगी।
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अभी तक कागजों से बाहर नहीं आ सका प्रोजेक्ट
केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-22 में मंजूरी दे दी लेकिन, करीब चार साल बीत जाने के बावजूद इस प्रोजेक्ट का काम तेजी नहीं पकड़ सका है। अभी शुरूआती काम बांदा एवं मध्य प्रदेश में ही कराए जा रहे हैं लेकिन, वहां भी इनकी रफ्तार काफी धीमी है। झांसी में इनके काम अभी तक शुरू नहीं हो सके। बता दें, करीब 50 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिये झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा में 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई समेत पेयजल मिलेगा। केंद्र सरकार की मंजूरी न मिलने की वजह से यह प्रोजेक्ट करीब 17 साल तक अटका रहा था।
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