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कर्मचारियों की हड़ताल का कोई खास असर नहीं

Thu, 11 Aug 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 11 Aug 2016 01:20 AM IST
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No major impact of the strike of employees
strike - फोटो : amar ujala, jhansi news
झांसी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुई तीन दिनी हड़ताल का पहले दिन कोई खास असर नहीं रहा। लगभग सभी कार्यालयों में रोज की तरह कामकाज होता रहा। 
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बुधवार को राज्य कर्मचारियों ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की। कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कृषि विभाग, पुराना विकास भवन, बिजली विभाग समेत विभिन्न कार्यालयों में रोज की तरह कर्मचारी काम करते नजर आए। शिक्षा विभाग और सिंचाई विभाग में कर्मचारियों की हड़ताल रही, लेकिन साठ प्रतिशत कर्मचारी यहां पर भी काम करते रहे। परिवहन विभाग में हड़ताल का मामूली असर दिखा। हालांकि कर्मचारियों द्वारा दावा किया जा रहा था कि सभी कार्यालय बंद रहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 
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बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कर्मचारी दिन में बाहर बजे चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा के पास एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए वह सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने सभा की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर लिखित सहमति दी गई है, लेकिन सरकार उसका पालन नहीं कर रही है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द इस पर अपनी सहमति दे। सभा को मुख्य अतिथि जिला ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष जे एन पाठक, संघर्ष समिति के चेयरमैन मिथलेश कुमार त्रिवेदी, श्रीकृष्ण व्यास, प्रभात कुमार सीरोठिया, कुसुमलता व्यास, मीरा कटियार, दिनेश नारायण श्रीवास्तव, रामसनेही यादव अब्दुल रईस सिद्दीकी, सुधीर कौशिक उपस्थित रहे।
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जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा ने मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों के इलाज के लिए कैशलेस सुविधा शुरू की जाए। किसी भी जिले में किराए के मकान के लिए निश्चित धनराशि सभी को दिए जाने की व्यवस्था है, इसके बाद भी केंद्रीय कर्मचारियों को अधिक पैसा दिया जा रहा है, जो गलत है। अंश दायी, वर्कचार्ज, दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को पेंशन की सुविधा दी जाए। पेंशन पहले की भांति, जिस विभाग का कर्मचारी हो, उसी विभाग में स्वीकृत की जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों को मृत संवर्ग से हटाकर पुनर्जीवित किया जाए। कर्मचारी मोटरसाइकिल से फील्ड का कार्य करते हैं, लेकिन उन्हें साइकिल का भत्ता दिया जाता है। उन्हें मोटरसाइकिल का भत्ता दिया जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था शुरू की जाए। कर्मचारियों को तीन पदोन्नति पर पद का ग्रेड वेतन दिया जाए। इस दौरान इजहार खान, बीडी कुशवाहा, शिवरंजन द्विवेदी, अदिति चौबे, वी के पचौरी, देवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

हम तो हड़ताल में हैं शामिल
ज्यादातर कर्मचारी कार्यालय में कामकाज निपटाते नजर आए। जब उनसे हड़ताल के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वे हड़ताल में शामिल तो हैं, लेकिन साहब का कुछ जरूरी काम था, जिसे कर रहे हैं। 

शिक्षकों ने किया समर्थन
राज्य कर्मचारी संगठन गुटों में बंटे हैं। इसमें से उप्र माध्यमिक शिक्षक चेत नारायण गुट संगठन हड़ताल का समर्थन कर रहा है। इस गुट के जिला मंत्री डा. अरविंद कुमार यादव के नेतृृत्व में पुरानी पेंशन बहाली, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को समाप्त करने समेत अन्य मांगों को लेकर मंडल अध्यक्ष डा. मनोज कुमार मिश्र, संदीप जायसवाल, प्रद्युम्न दुबे, रवीश त्रिपाठी, नृपत सिंह सोलंकी के साथ राष्ट्रीय कन्या इंटर कालेज, सनातन धर्म कन्या इंटर कालेज, बीआईसी, एसपीआई, राजेंद्र प्रसाद कन्या इंटर कालेज समेत अन्य कालेजों का भ्रमण किया। इसके बाद शिक्षकों ने राज्य कर्मचारी और शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले सिंचाई विभाग के माताटीला भवन में हड़ताल में शामिल हुए। इस मौके पर कमलेश द्विवेदी, सत्येंद्र पाल सिंह, दीपक द्विवेदी, सचेत शुक्ला, हाकिम सिंह उपस्थित रहे।    


आज शिक्षा भवन में होगी सभा
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 11 अगस्त को दिन में 12 बजे से हड़ताली सभा का आयोजन कचहरी चौराहा स्थित शिक्षा भवन में किया जाएगा।
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