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सड़क को गढ्ढामुक्त करने के बजट में कटौती
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झांसी। आप चीखते रहिए, गड्ढों में चालकर चोटिल होते रहिए, फिलहाल सरकार के पास पैसा नहीं है। जिले की सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए दस करोड़ चाहिए था लेकिन साढ़े चार करोड़ देकर सरकार ने हाथ खींच लिया है। विभागीय इंजीनियरों का कहना है कि इस पैसे से पैचवर्क भी संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि सरकार से कुछ पैसा मिलने की उम्मीद है लेकिन वित्तीय वर्ष की समाप्ति का समय जैसे जैसे करीब आ रहा है उसकी उम्मीद भी खत्म होते जा रही है।
इस साल सिर्फ साढ़े चार करोड़ रुपये ही दिए गए हैं जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने को है। इसका सीधा असर सड़कों की पैचवर्क एवं उसकी गुणवत्ता पर पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की ग्वालियर-झांसी मार्ग, झांसी-बरुआसागर मार्ग, फिल्टर रोड, हसारी से बीएचईएल आदि सड़कों में अभी भी कई जगह जानलेवा गड्ढे हैं। लेकिन, कहीं छिटपुट तरीके से पैचिंग हुई कहीं कराई ही नहीं गई। शहर की भीतर कुछ सड़कों में पैचिंग कराया गया लेकिन, गुणवत्ता के नाम पर बिटुमिन की जगह वहां बोल्डर के टुकड़े डाले गए। हालांकि सहायक अभियंता अवधेश कुमार के मुताबिक गड्ढामुक्त का लक्ष्य तकरीबन पूरा हो गया। उनका कहना है 146.08 किलोमीटर के लक्ष्य में 144.48 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है।
-झांसी-बरुआसागर की मुख्य सड़क की हालत बेहद खस्ता है। जगह-जगह गड्ढे हैं। इनकी वजह से आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
अब्दुल मुख्तार
-बरुआसागर सड़क के खस्ताहाल होने की शिकायत भी की गई लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही।
डा.चंद्रभूषण गौतम
-सड़कों के खस्ताहाल होने से अकसर दुर्घटनाएं होती हैं। सड़कों की मरम्मत जल्द कराए जाने की जरूरत है
कमलेश सोनी
-फिल्टर रोड का हाल बेहद खराब है। इस सड़क को जल्द दुरुस्त कराए जाने की जरूरत है। सड़क खराब होने से हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
मुकेश अग्रवाल
-हसारी से बीएचईएल के बीच भी सड़क कई जगह बेहद खराब है। बीच-बीच में खतरनाक गड्ढे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इनके गढ्ढे आज तक नहीं भरे गए।
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सुभाष गोयनका
-शहर के भीतर भी सड़कों से पूरी तरह गड्ढे खत्म नहीं किए गए। पीडब्ल्यूडी से शिकायत करने पर इन सड़कों को नगर निगम का बताकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
डा.अरुण गुप्ता
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इस साल सिर्फ साढ़े चार करोड़ रुपये ही दिए गए हैं जबकि वित्तीय वर्ष खत्म होने को है। इसका सीधा असर सड़कों की पैचवर्क एवं उसकी गुणवत्ता पर पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की ग्वालियर-झांसी मार्ग, झांसी-बरुआसागर मार्ग, फिल्टर रोड, हसारी से बीएचईएल आदि सड़कों में अभी भी कई जगह जानलेवा गड्ढे हैं। लेकिन, कहीं छिटपुट तरीके से पैचिंग हुई कहीं कराई ही नहीं गई। शहर की भीतर कुछ सड़कों में पैचिंग कराया गया लेकिन, गुणवत्ता के नाम पर बिटुमिन की जगह वहां बोल्डर के टुकड़े डाले गए। हालांकि सहायक अभियंता अवधेश कुमार के मुताबिक गड्ढामुक्त का लक्ष्य तकरीबन पूरा हो गया। उनका कहना है 146.08 किलोमीटर के लक्ष्य में 144.48 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है।
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-झांसी-बरुआसागर की मुख्य सड़क की हालत बेहद खस्ता है। जगह-जगह गड्ढे हैं। इनकी वजह से आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
अब्दुल मुख्तार
-बरुआसागर सड़क के खस्ताहाल होने की शिकायत भी की गई लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही।
डा.चंद्रभूषण गौतम
-सड़कों के खस्ताहाल होने से अकसर दुर्घटनाएं होती हैं। सड़कों की मरम्मत जल्द कराए जाने की जरूरत है
कमलेश सोनी
-फिल्टर रोड का हाल बेहद खराब है। इस सड़क को जल्द दुरुस्त कराए जाने की जरूरत है। सड़क खराब होने से हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
मुकेश अग्रवाल
-हसारी से बीएचईएल के बीच भी सड़क कई जगह बेहद खराब है। बीच-बीच में खतरनाक गड्ढे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इनके गढ्ढे आज तक नहीं भरे गए।
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सुभाष गोयनका
-शहर के भीतर भी सड़कों से पूरी तरह गड्ढे खत्म नहीं किए गए। पीडब्ल्यूडी से शिकायत करने पर इन सड़कों को नगर निगम का बताकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
डा.अरुण गुप्ता