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न बिजली, न पानी, बस बदबू भरी कहानी

Mon, 11 Jan 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Mon, 11 Jan 2016 01:18 AM IST
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No electricity, no water, just the stench-filled story
झांसी। गल्ला मंडी के पास बने मुर्गा-मछली मार्केट में गंदगी का अंबार है। मार्केट से निकलने वाला कचरा चारों तरफ फैला रहता है। पानी के निकास की व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण पूरे मार्केट में गंदा पानी जमा रहता है, जिससे यहां आने वालों को बदबू और गंदगी के कारण परेशान होना पड़ता है।
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नगर निगम ने वर्ष 2007 में मुर्गा-मछली व्यापारियों को व्यवस्थित करने के लिए गल्ला मंडी के पास मुर्गा-मछली मार्केट बनाया था। इसमें 47 दुकानें बनाकर व्यापारियों को आवंटित की गईं थीं। मार्केट में व्यापारियों के साथ शुरूआत से ही लापरवाही बरती गई है।
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यहां के व्यापारी हमीद बाबा का कहना है कि जिस समय दुकानें आवंटित की गईं थी, तब दुकानों में शटर नहीं थीं, दीवारें भी आधी-आधी बनी थी, जिसे व्यापारियों ने पूरा कराया। वहीं, व्यापारी असगर का कहना है कि मार्केट में कभी भी नगर पालिका सफाई कर्मी नहीं भेजती है, व्यापारी अपने सोर्स से ही यहां सफाई कराते हैं। स्थिति यह है कि मार्केट के बाहर मुर्गा व मछलियों के कटे हुए अंग पड़े रहते हैं।
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व्यापारी शब्बीर का कहना है कि किसी भी मार्केट को बनाते समय पानी, प्रकाश व पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। लेकिन, मुर्गा-मछली मार्केट में न तो पेयजल की व्यवस्था है, न रोड लाइट की और न ही पार्किंग की, इस कारण व्यापारियों और ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मार्केट के व्यापारियों ने कई बार इसकी शिकायत नगर निगम के अफसरों से की, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की, जिससे वह परेशान हैं।

टैक्स मंडी को किराया नगर निगम को
मछली व्यापारी कयूम का कहना है कि उन्हें मछली का व्यापार करने पर 2.5 प्रतिशत मंडी कर मंडी समिति को देना पड़ता है। मूलरूप से वह मंडी के व्यापारी हैं। लेकिन उन्हें दुकानें नगर निगम की दी गईं हैं, जबकि उन्हें मंडी समिति की दुकानें व्यापार करने के लिए मिलनी चाहिए।

पार्क बना कचरा घर
मुर्गा मछली मार्केट के बीचोंबीच सौंदर्यीकरण के लिए पार्क बनाया गया था। इस पार्क में अब कचरे के ढेर लगे रहते हैं। इतना ही नहीं दुकानों से निकलने वाली गंदगी को व्यापारियों द्वारा पार्क में रखकर ही जलाया जाता है।


मुर्गा-मछली मार्केट के व्यापारी सफाई व्यवस्था में सहयोग नहीं करते हैं। वह कचरे को जहां-तहां फेंक देते हैं, जिससे गंदगी फैली रहती है। व्यापारियों को चाहिए कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने में नगर निगम का सहयोग करें।
रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम झांसी।
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