{"_id":"59024a4d4f1c1bbc62c0ce70","slug":"no-coordinator-in-bsp-now-zone-incharge","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बसपा में कोर्डिनेटर नहीं जोन इंचार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बसपा में कोर्डिनेटर नहीं जोन इंचार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Apr 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
bsp
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद अब नए सिरे से पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए संगठन में अब कोर्डिनेटर की जगह जोन इंचार्ज बनाए गए हैं। जोन में झांसी, चित्रकूट और लखनऊ मंडल शामिल हैं।
बसपा में कोआर्डिनेटर पद की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी को संगठन में काफी महत्व दिया जाता था। लेकिन, विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद से संगठन में फेरबदल को लेकर मंथन चल रहा था। गत दिवस हुई पार्टी की बैठक में कोआर्डिनेटर पद को समाप्त कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी संगठन में फेरबदल किया गया है। जोन इंचार्ज पद पर अशोक सिद्धार्थ, इंद्रजीत सरोज, आरएस कुशवाहा, नौशाद अली और लालाराम अहिरवार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला प्रभारी विजय कुशवाहा और भूपेंद्र आर्या को बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार जिन कार्यकर्ताओं को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें कमेटियों का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटियों में जिला, विधानसभा क्षेत्र, महानगर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
दरअसल, विधानसभा चुनाव में हुई पार्टी की हार के बाद से लगातार मंथन चल रहा है कि किस तरह से नगर निकाय के चुनाव में पार्टी को मजबूती से पेश किया जाए, ताकि निकायों में पार्टी दमदार तरीके से वापसी करे। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि पूरे दमखम से चुनाव लड़ा जाए। अबकी बार पार्टी ने सिंबल के आधार पर पार्षद, नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और महापौर को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
चल रहा है फीडबैक लेने का काम
पार्टी नगर निकाय का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। इसके लिए पार्टी के जिम्मेदार कार्यकर्ता गोपनीय तरीके से सभी वार्डों का फीडबैक ले रहे हैं। इसी आधार पर जिताऊ प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाएगा। यही कारण है कि पार्टी ने पार्षद पद के दावेदारों से अब तक आवेदन नहीं लेने का निर्णय लिया है। जिन दावेदारों का फीडबैक सही मिलेगा, संभवत: उसी को टिकट दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
बसपा में कोआर्डिनेटर पद की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी को संगठन में काफी महत्व दिया जाता था। लेकिन, विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद से संगठन में फेरबदल को लेकर मंथन चल रहा था। गत दिवस हुई पार्टी की बैठक में कोआर्डिनेटर पद को समाप्त कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी संगठन में फेरबदल किया गया है। जोन इंचार्ज पद पर अशोक सिद्धार्थ, इंद्रजीत सरोज, आरएस कुशवाहा, नौशाद अली और लालाराम अहिरवार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला प्रभारी विजय कुशवाहा और भूपेंद्र आर्या को बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार जिन कार्यकर्ताओं को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें कमेटियों का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटियों में जिला, विधानसभा क्षेत्र, महानगर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
दरअसल, विधानसभा चुनाव में हुई पार्टी की हार के बाद से लगातार मंथन चल रहा है कि किस तरह से नगर निकाय के चुनाव में पार्टी को मजबूती से पेश किया जाए, ताकि निकायों में पार्टी दमदार तरीके से वापसी करे। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि पूरे दमखम से चुनाव लड़ा जाए। अबकी बार पार्टी ने सिंबल के आधार पर पार्षद, नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और महापौर को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
चल रहा है फीडबैक लेने का काम
पार्टी नगर निकाय का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। इसके लिए पार्टी के जिम्मेदार कार्यकर्ता गोपनीय तरीके से सभी वार्डों का फीडबैक ले रहे हैं। इसी आधार पर जिताऊ प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाएगा। यही कारण है कि पार्टी ने पार्षद पद के दावेदारों से अब तक आवेदन नहीं लेने का निर्णय लिया है। जिन दावेदारों का फीडबैक सही मिलेगा, संभवत: उसी को टिकट दे दिया जाएगा।