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नए साल में होगा इलाज महंगा, एंटीबायोटिक से लेकर पेन किलर तक के बढ़ेंगे दाम
Sun, 03 Jan 2021 03:18 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2021 03:18 AM IST
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- फोटो : pixabay
नए साल में इलाज महंगा होने जा रहा है। एंटीबायोटिक से लेकर पेन किलर तक के कच्चे माल के दाम दोगुने तक बढ़ गए हैं। ऐसे में जल्द ही नई दरों पर दवाएं बिकने लगेंगी। इसके अलावा बोतल व कैप के मूल्य में भी इजाफा होने से टैबलेट ही नहीं सिरप भी महंगी हो जाएंगी। इसके पीछे का कारण चीन से आने वाले कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होना बताया जा रहा है।
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कोरोना संक्रमण काल में देश में दवाओं का 90 फीसदी कच्चा माल चाइना से आता है। चीन से कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हुई है। भारत में दवाओं के कच्चे माल का थोक विनिर्माण कम होने के कारण दूसरे देशों से कच्चा माल मंगाना पड़ रहा है। अब कच्चे माल के दाम दोगुने तक बढ़ गए हैं। बताया गया कि पैरासीटामोल के रॉ मैटेरियल के दामों में भी 40 से 50 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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वहीं, निमुस्लाइड के पाउडर 150 से 700 रुपये अधिक हो गए हैं। यही नहीं डिक्लोफेनिक्स सोडियम समेत पेन किलर, एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन, ट्रेटासाइक्लिन, क्लोरोफिनिकॉल जैसी दवाएं डेढ़ से दोगुने तक महंगी होने की संभावना है। ऐसे में इन्हीं दवाओं के दाम सर्वाधिक बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा बॉटल और कैप के मूल्य भी बढ़े हैं। ऐसे में खांसी आदि के सिरप के दामों में भी 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
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जेनरिक दवाएं भी होंगी महंगी
ब्रांडेड ही नहीं कच्चे माल की कीमतों में इजाफा होने की वजह से जन औषधि (जेनरिक) दवाएं भी महंगी होंगी। ऐसे में जन औषधि केंद्रों से सस्ती दरों पर मिलने वाली दवाएं खरीदने पर भी लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
अभी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता
दवा व्यापारियों ने बताया कि कोविड के बावजूद दवाओं की कमी नहीं हो पाई है। अभी जिले में सभी जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। नए दवाओं की खरीद के ऑर्डर भी लगे हुए हैं। हालांकि, जो दवाएं अभी नहीं आई हैं, उन्हें पुरानी दरों के बजाए संशोधित मूल्य पर कंपनियां भेजने की बात कह रही हैं।
कच्चे माल की कीमतों में काफी उछाल आया है। एंटीबायोटिक, पेन किलर के कच्चे माल की कीमतें डेढ़ से दोगुनी तक बढ़ गई हैं। अब नया माल बढ़े हुए मूल्य के हिसाब से ही मिलेगा। - नितिन मोदी, सचिव, केमिस्ट एसोसिएशन झांसी।