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नए स्वच्छता सर्वेक्षण की गाइड लाइन जारी, परखे जाएंगे आत्मर्भिर वार्ड

Mon, 04 Oct 2021 01:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 01:48 AM IST
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New hygiene survey guide line will be released, self-sufficient ward
झांसी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 को लेकर नई गाइड लाइन जारी हो गई। अब इसके मुताबिक देश भर के साफ-सुथरे शहरों की रैकिंग तय होगी। आबादी के मुताबिक शहरों के समूह बनाए गए हैं। झांसी दस लाख से कम आबादी के शहरों में शुमार है। नए स्वच्छता सर्वेक्षण में पहली दफे आत्मनिर्भर वार्ड एवं कोविड-19 रिस्पांस जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार वर्ष 2015 से नगर निगमों के कामकाज के आधार पर उनकी रैकिंग तय करती है। पिछले वर्ष 2020 में झांसी (दस लाख से कम आबादी वर्ग में) 27वें नंबर पर थी जबकि उप्र में यह दूसरे नंबर पर रही। पिछले एक साल के भीतर सफाई व्यवस्था में कितना बदलाव हुआ, अब यह बताने का मौका फिर से आ गया। नई गाइड लाइन में आत्मनिर्भर वार्ड को नए थीम के तौर पर शामिल किया गया है। इसके तहत वार्ड का कूड़ा वार्ड में ही खत्म करने वाले वार्ड चिन्हित किए जाएंगे। कोविड काल में सफाई कर्मियों की भूमिका भी परखी जाएगी।
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अबकी कचरा प्रबंधन में डिजिटल तकनीक पर जोर दिया जा रहा है। सबसे पहले नगर निगम को सफाई संबंधी प्रमाणित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। उसके बाद दिसंबर से जनवरी के बीच जनता से इनका फीडबैक लिया जाएगा। जमीनी हकीकत जानने को केंद्रीय टीम खुद यहां आएगी। दिसंबर से आरंभ होने वाले इस सर्वेक्षण में तकनीक के इस्तेमाल के साथ ही निगरानी में बदलाव हुआ है। डिजिटल मॉनीटरिंग के जरिए कूड़ा कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन और प्लांट पर उसके निस्तारण के बीच के पूरे सिस्टम की निगरानी होगी हालांकि यही झांसी की राह की सबसे बड़ी बाधा भी बन सकती है। यहां अभी तक पूरे शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम ही नहीं शुरू हुआ। दूसरा, कूड़ा निस्तारण जैसा अहम प्लांट भी आरंभ हो सका। एनजीटी की मनाही के बावजूद कूड़ा खुले वातावरण में डंप किया जा रहा है। इसके अलावा नगर निगम को कूड़ा उठान में लगी गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम, प्लांट पर सीसीटीवी कैमरे, कूड़ा निस्तारण प्लांट आदि के बारे में भी बताना है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम के मुताबिक निगम पहले से ही सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने में जुटा है। इस दफे रैकिंग में सुधार होग॥
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छह हजार अंकों का होगा मुकाबला
स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार भी अधिकतम छह हजार अंक तय किए गए हैं। इसमें नगर निगम की ओर से दिए गए प्रमाणित दस्तावेज पर दो हजार अंक, कूड़ा कलेक्शन, निस्तारण, सफाई कार्य और उसकी डिजिटल निगरानी पर 2400 अंक दिए जाएंगे। पहली दफे कोविड-19 रिस्पांस को शामिल किया गया है। स्वच्छता एप और पब्लिक फीडबैक पर 1600 अंक दिए जाएंगे। गार्बेज फ्री सिटी प्रमाणपत्र एवं ओडीएफ प्रमाण पत्र पर 2000 अंक दिए जाएंगे।

पिछली दफे 4365.01 अंक ही जुटा सका था झांसी
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में झांसी सिर्फ 4365.01 अंक ही जुटा सका। छह हजार में इतनेे अंक होने की वजह से झांसी को देश भर में 27वें नंबर पर संतोष करना पड़ा जबकि 5428.31 अंकों के साथ अंबिकापुर को पहला स्थान मिला था।
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