{"_id":"a1e14c8c89c8cd1fe30d7114d5c99519","slug":"microscrope-steal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों की माइक्रोस्कोप मशीन चोरी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों की माइक्रोस्कोप मशीन चोरी
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 05 Aug 2015 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग विभाग से लाखों रुपये की माइक्रोस्कोप मशीन चोरी हो गई। सोमवार सुबह मेडिकल कॉलेज प्रशासन को घटना की जानकारी हुई। जिसके बाद अस्पताल अधिकारियों ने कर्मचारियों को नामजद करते हुए नवाबाद थाने में तहरीर दी है।
क्षय रोग विभाग के खुलने का समय सुबह आठ से दो बजे तक है। इसको खोलने व बंद करने के लिए एक कर्मचारी को चाबियां सौंपी गई हैं। चोरी हुई माइक्रोस्कोप मशीन डॉट्स केंद्र में रखी हुई थी। शनिवार को विभाग के बंद होने से पहले तक मशीन रखी थी। सोमवार सुबह कर्मचारी ने जब विभाग में रखी अलमारी खोली तो उसमें से मशीन गायब थी। जैसे ही इसकी जानकारी अस्पताल अधिकारियों को हुई तो वह मौके पर पहुंच गए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या का कहना है कि कर्मचारियों की संलिप्तता के बगैर घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता है। विभाग में कई कर्मचारी तैनात हैं, उनको अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं हैं। बिना ताला टूटे और तोड़फोड़ हुए वारदात हो जाना कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि कर रहा है।
उन्होंने माइक्रोस्कोप की कीमत पंद्रह लाख रुपये बताई है और विभागीय कर्मचारियों के नाम से नामजद तहरीर नवाबाद थाने में दी है। बताया गया कि चोरी हुई मशीन केंद्र की ओर से मेडिकल कॉलेज को सन् 2012 में उपलब्ध कराई गई थी। मशीन से टीवी के मरीजों की स्लाइड को देखा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षय रोग विभाग के खुलने का समय सुबह आठ से दो बजे तक है। इसको खोलने व बंद करने के लिए एक कर्मचारी को चाबियां सौंपी गई हैं। चोरी हुई माइक्रोस्कोप मशीन डॉट्स केंद्र में रखी हुई थी। शनिवार को विभाग के बंद होने से पहले तक मशीन रखी थी। सोमवार सुबह कर्मचारी ने जब विभाग में रखी अलमारी खोली तो उसमें से मशीन गायब थी। जैसे ही इसकी जानकारी अस्पताल अधिकारियों को हुई तो वह मौके पर पहुंच गए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या का कहना है कि कर्मचारियों की संलिप्तता के बगैर घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता है। विभाग में कई कर्मचारी तैनात हैं, उनको अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं हैं। बिना ताला टूटे और तोड़फोड़ हुए वारदात हो जाना कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने माइक्रोस्कोप की कीमत पंद्रह लाख रुपये बताई है और विभागीय कर्मचारियों के नाम से नामजद तहरीर नवाबाद थाने में दी है। बताया गया कि चोरी हुई मशीन केंद्र की ओर से मेडिकल कॉलेज को सन् 2012 में उपलब्ध कराई गई थी। मशीन से टीवी के मरीजों की स्लाइड को देखा जाता है।
विज्ञापन