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बीमार मशीनें ठीक कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मिले 60 लाख
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे और एमआरआई मशीन सुधरने की उम्मीद बढ़ गई है। शासन ने कॉलेज को दोनों मशीन सुधरवाने के लिए 60 लाख रुपये दे दिए हैं। मशीन खराब होने से मरीजों की काफी जेब ढीली हो रही है।
मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग फिर बेपटरी होने लगा है। 14 दिनों से डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है। हालांकि, इंजीनियर मशीन सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ पार्ट्स कंपनी से मंगवाए भी गए हैं। यह मशीन सुधर भी नहीं पाई थी कि तीन जनवरी को एमआरआई मशीन भी बैठ गई। बताया गया कि सॉफ्टवेयर में समस्या आने के करण एमआरआई मशीन चलते-चलते बंद हो जाती है। निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच पांच हजार रुपये में होती है, इसलिए इस मशीन का खराब होना मरीजों पर काफी भारी पड़ता है। कॉलेज प्रशासन बजट न होने और कंपनी का पैसा बकाया होने का हवाला देते हुए मशीन सुधरने में आ रहीं परेशानियों को बताता रहा था। अब शासन ने कॉलेज को 60 लाख रुपये दे दिए हैं। कॉलेज की ओर से इतना ही बजट मांगा गया था। इसमें कंपनी का बकाया भी शामिल है। अब उम्मीद है कि जल्द मशीन सुधर जाएंगी।
जांचों में काफी अंतर
जांच मेडिकल कॉलेज निजी केंद्र
डिजिटल एक्सरे 115 300
एमआरआई 2000 5000
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मेडिकल कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग फिर बेपटरी होने लगा है। 14 दिनों से डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है। हालांकि, इंजीनियर मशीन सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ पार्ट्स कंपनी से मंगवाए भी गए हैं। यह मशीन सुधर भी नहीं पाई थी कि तीन जनवरी को एमआरआई मशीन भी बैठ गई। बताया गया कि सॉफ्टवेयर में समस्या आने के करण एमआरआई मशीन चलते-चलते बंद हो जाती है। निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच पांच हजार रुपये में होती है, इसलिए इस मशीन का खराब होना मरीजों पर काफी भारी पड़ता है। कॉलेज प्रशासन बजट न होने और कंपनी का पैसा बकाया होने का हवाला देते हुए मशीन सुधरने में आ रहीं परेशानियों को बताता रहा था। अब शासन ने कॉलेज को 60 लाख रुपये दे दिए हैं। कॉलेज की ओर से इतना ही बजट मांगा गया था। इसमें कंपनी का बकाया भी शामिल है। अब उम्मीद है कि जल्द मशीन सुधर जाएंगी।
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जांच मेडिकल कॉलेज निजी केंद्र
डिजिटल एक्सरे 115 300
एमआरआई 2000 5000