{"_id":"5d891f738ebc3e01346cc6de","slug":"medical-chek-up-effect-in-power-cut-jhansi-news-jhs1487544115","type":"story","status":"publish","title_hn":"बत्ती गुल रहने से प्रभावित हुईं जांचें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बत्ती गुल रहने से प्रभावित हुईं जांचें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बत्ती गुल रहने से प्रभावित हुईं जांचें
झांसी। जिला अस्पताल में सोमवार की सुबह से बिजली गुल रहने की वजह से सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं चल सकीं। इस वजह से मरीजों को जांच के लिए घंटों परेशान होना पड़ा। बिजली आने के बाद वह जांच करा सके।
जिला अस्पताल में स्वतंत्र फीडर होने के बावजूद सुबह से ही बिजली गुल हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने जेनरेटर चलाकर कुछ वार्डों, पैथोलॉजी में बिजली की व्यवस्था कराई। जेनरेटर से मशीन चलाने पर रिपोर्ट सही नहीं आ पाती है, इसलिए अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन मशीनें जेनरेटर से नहीं चल सकीं। जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे मरीजों की कतारें जांच कराने के लिए बढ़ती र्गइं। इस दौरान कुछ मरीज बिना जांच कराए बैरंग लौट गए। लगभग साढ़े ग्यारह बजे बिजली आने पर मौके पर उपस्थित मरीज जांच करा सके।
विज्ञापन
झांसी। जिला अस्पताल में सोमवार की सुबह से बिजली गुल रहने की वजह से सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं चल सकीं। इस वजह से मरीजों को जांच के लिए घंटों परेशान होना पड़ा। बिजली आने के बाद वह जांच करा सके।
जिला अस्पताल में स्वतंत्र फीडर होने के बावजूद सुबह से ही बिजली गुल हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने जेनरेटर चलाकर कुछ वार्डों, पैथोलॉजी में बिजली की व्यवस्था कराई। जेनरेटर से मशीन चलाने पर रिपोर्ट सही नहीं आ पाती है, इसलिए अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन मशीनें जेनरेटर से नहीं चल सकीं। जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे मरीजों की कतारें जांच कराने के लिए बढ़ती र्गइं। इस दौरान कुछ मरीज बिना जांच कराए बैरंग लौट गए। लगभग साढ़े ग्यारह बजे बिजली आने पर मौके पर उपस्थित मरीज जांच करा सके।
विज्ञापन