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बांध से गाद निकालने को मांगे पच्चीस हजार करोड़, 2000 करोड़ में बन जाता नया बांध

Tue, 11 Oct 2022 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 01:33 AM IST
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matateela dam invest 25 thousand carore
झांसी। 58 साल पूरे कर चुका माताटीला बांध का करीब पचास फीसदी हिस्सा गाद से भर चुका है। बांध से इस गाद को बाहर निकालने के लिए कुल 25 हजार 350 करोड़ रुपये का खर्च आंका गया है। जबकि नया बांध बनाने में अधिकतम दो हजार करोड़ ही खर्च आता है। माताटीला बांध में गाद भरे होने से इसमें पहले के मुकाबले काफी कम पानी स्टोर हो पाता है।
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देश की आजादी के बाद पहली पंचवर्षीय योजना में देश भर में बड़े बांधों की योजना बनी थी। इनमें ललितपुर में माताटीला बांध भी शामिल था। वर्ष 1952 से इस बांध का निर्माण शुरू हुआ था। करीब दस साल के बाद 1962 में इसका निर्माण पूरा हो सका। वर्ष 1964 में बांध पहली दफा पूरी क्षमता से भरा। 1965 में यहां बिजली उत्पादन भी शुरू किया गया। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक शुरूआत में बांध में 1132.7 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी स्टोर करने की क्षमता थी लेकिन, अब घटकर यह महज 641.06 एमसीएम बची है। शेष करीब 507 एमसीएम में सिल्ट भरी है। पिछले दिनों शासन ने सिल्ट सफाई संबंधी आंकड़े मांगे थे। लिहाजा तकनीकी टीम ने जो खर्च की रिपोर्ट तैयार की है उसमें बताया गया है कि सिल्ट सफाई के लिए 25,350 करोड़ चाहिए। एक्सईएन मो.फरीद के मुताबिक इतनी बड़ी रकम खर्च कर पाना व्यवहारिक नहीं रह गया। बांध में सिल्ट भरे होने से सिर्फ पीने का पानी ही दिया जाएगा।
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नए बांध निर्माण से करीब दस गुना अधिक का खर्च
माताटीला बांध से गाद निकालने में जितनी रकम का अनुमान लगाया गया है वह सामान्य तौर पर नए बांध निर्माण से करीब दस गुना से भी अधिक है। सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक नए बांध के निर्माण में सर्वाधिक खर्च जमीन अधिग्रहण में होता है। निर्माण खंड पंचम के एक्सईएन सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि अब जो नए बांध बन रहे हैं उन पर अधिकतम लागत करीब दो हजार करोड़ आ रही है। हालांकि नए बांध के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता होती है, उसका एक साथ मिलना भी बहुत मुश्किल है। झांसी का लखेरी बांध अभी तक जमीनी विवाद के चलते पूरी क्षमता के साथ नहीं भर सका है।
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इतनी रकम का मिलना मुश्किल
गाद सफाई को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सिंचाई अफसरों से चर्चा की थी लेकिन, जब इतनी रकम की बात सामने आई तब उन्होंने भी चुप्पी साध ली। यह रकम इतनी बड़ी है कि सरकार की हिम्मत भी इस काम में हाथ लगाने की नहीं है।

39 साल पहले आखिरी बार खुला था स्लूज गेट
बांध के निचले स्तर पर जमा गाद को बाहर निकालने के लिए बांध के भीतर स्लूज गेट लगे होते हैं लेकिन, माताटीला बांध का स्लूज गेट वर्ष 1983 के बाद से आज तक नहीं खोला जा सका। इसके न खुलने की वजह से नीचे गाद जमा होती गई। अब हालात यह हैं कि पिछले करीब 39 साल से स्लूज गेट न खुलने यह पूरी तरह जाम हो गया है।
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