{"_id":"b023e2e99c1ecd05608e6bf519c383c1","slug":"land-maked-for-plactic-management-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लास्टिक वेस्ट प्लांट को पांच एकड़ जमीन चिह्नित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लास्टिक वेस्ट प्लांट को पांच एकड़ जमीन चिह्नित
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Thu, 25 Jun 2015 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुधवार को संपत्ति विभाग की टीम ने बिजौली में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना के लिए जमीन का सीमांकन किया। इस मौके पर पीएसी व स्थानीय पुलिस मौजूद रही।
मालूम हो कि बिजौली में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना की जानी है। इसी के मद्देनजर विगत दिनों संपत्ति विभाग की टीम वहां पर जमीन की नाप करने गई थी। नाप के दौरान ग्रामीणों ने उनकी जमीन नापने का आरोप लगाया। नगर निगम अधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया था। टीम बिना जमीन सीमांकन किए लौट आई थी। इसी क्रम में बुधवार को टीम पुलिस व पीएसी के साथ सीमांकन करने गई थी।
संपत्ति अधिकारी डा. पुष्पराज गौतम ने बताया कि टीम द्वारा पांच एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। साथ ही ग्रामीणों के रकबे को भी अलग कर दिया गया है। जमीन सीमांकन कर वहां पर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगवा दिया गया है। ग्रामीण पूर्व की भांति कोई बवाल न कर सकें, इसलिए पीएसी व स्थानीय पुलिस की मदद ली गई थी। पूरी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी गई है। इस मौके पर मानचित्रकार केपी सिंह, नगर निगम कानूनगो, तहसील लेखपाल व नगर निगम के जेई मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालूम हो कि बिजौली में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना की जानी है। इसी के मद्देनजर विगत दिनों संपत्ति विभाग की टीम वहां पर जमीन की नाप करने गई थी। नाप के दौरान ग्रामीणों ने उनकी जमीन नापने का आरोप लगाया। नगर निगम अधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया था। टीम बिना जमीन सीमांकन किए लौट आई थी। इसी क्रम में बुधवार को टीम पुलिस व पीएसी के साथ सीमांकन करने गई थी।
विज्ञापन
संपत्ति अधिकारी डा. पुष्पराज गौतम ने बताया कि टीम द्वारा पांच एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। साथ ही ग्रामीणों के रकबे को भी अलग कर दिया गया है। जमीन सीमांकन कर वहां पर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगवा दिया गया है। ग्रामीण पूर्व की भांति कोई बवाल न कर सकें, इसलिए पीएसी व स्थानीय पुलिस की मदद ली गई थी। पूरी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी गई है। इस मौके पर मानचित्रकार केपी सिंह, नगर निगम कानूनगो, तहसील लेखपाल व नगर निगम के जेई मौजूद रहे।
विज्ञापन