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Jhansi News: आयुर्वेदिक कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, सीटें घटने का खतरा

Mon, 09 Jun 2025 01:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:44 AM IST
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Lack of teachers in Ayurvedic colleges, risk of reduction in seats

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। पिछले महीने ही नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण करके मानकों को परखा है। 10 दिनों के अंदर सीटों की मान्यता पर आदेश आ सकता है। वहीं, बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में इस बार भी हायर फैकल्टी की कमी है। ऐसे में बीएएमएस की सीटें घटने की आशंका है।

आयुर्वेदिक कॉलेज में मौलिक सिद्धांत, शरीर रचना, शरीर क्रिया, द्रव्य गुण, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान और विधि वैद्यक समेत 13 विभाग हैं। इन सभी विभागों में बीएएमएस की 75 सीटें हैं। इस बार शासन ने 10 मेडिकल ऑफिसर को आयुर्वेदिक कॉलेज से संबद्ध कर दिया है। ऐसे में असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी तो काफी हद तक पूरी हो गई है। मगर तीन हायर फैकल्टी की कमी अभी भी बनी हुई है। पूर्व में हायर फैकल्टी की कमी की वजह से ही कॉलेज की मान्यता भी निरस्त की जा चुकी है। पिछली बार फैकल्टी की कमी के चलते एनसीआईएसएम ने शुरुआत में 56 सीटों पर ही प्रवेश की मान्यता दी थी। बाद में शासन ने पत्र लिखकर फैकल्टी की कमी पूरी करने का भरोसा दिया था। तब जाकर पूरी सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिल सकी थी।
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कॉलेज एक नजर में



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कोर्स : बीएएमएस (स्नातक)



अवधि : साढ़े चार साल

फीस : 14000 रुपये (सामान्य), 9000 रुपये (अन्य)



वर्जन..

10 मेडिकल ऑफिसर कॉलेज में संबद्ध कर दिए गए हैं। इस बार सभी सीटों पर मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है। - डॉ. रामकृष्ण राठौर, प्राचार्य, बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज।
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