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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कला उत्सव का शुभारंभ, पहले दिन छाए कोलकाता के कलाकार
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Wed, 04 Oct 2017 01:01 AM IST
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में हुए कत्थक नृत्य ने दिलों को जीत लिया, तो वहीं ग्लोबल राजा के मंचन ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। तीन दिवसीय कला उत्सव में पहले दिन कोलकाता के कलाकार छाए रहे।
कोलकाता के कलाकारों में केया चंदा चक्रवर्ती, सुरगमा, तन्मय चक्रवर्ती, प्रदीप बनर्जी व तुहिना चक्रवर्ती ने संगीत के सात सुरों पर कत्थक की सरगम बंदिश पेश की। ग्रुप की सदस्याओं ने थाली नृत्य किया। कृष्ण के प्रति मीराबाई की चाहत को खूबसूरती से दर्शाया गया। डॉ. योगेंद्र चौबे द्वारा निर्देशित नाटक ग्लोबल राजा के मंचन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया गया।
रंगमंच के कलाकार धीरज सोनी, राकेश भारती, विवेक सोनी, मोहित जैन, गीतांजलि ग्रेवाल ने नाटक के माध्यम से देश की वर्तमान राजनति पर व्यंग्य किया। इससे पहले ललित कला विभाग और बुंदेलखंड नाट्य कला समिति के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे उत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजा मान सिंह तोमर व संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रो. लवली शर्मा ने किया।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में साहित्य, संस्कृति, कला की प्रतिभाएं व्यापक हैं। जरूरत है रंगमंच के प्रोत्साहन की। इस मौके पर डॉ. हिमांशु द्विवेदी की लिखित पुस्तक स्वांग अतिथियों क ो प्रदान की गई। इस अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. वीके सहगल, कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक पीएन प्रसाद, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. बाबूलाल तिवारी, डॉ. मुहम्मद नईम, डॉ. यशोधरा शर्मा, डॉ. राधिका चौधरी, अनूप पांडेय मौजूद रहे।
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कोलकाता के कलाकारों में केया चंदा चक्रवर्ती, सुरगमा, तन्मय चक्रवर्ती, प्रदीप बनर्जी व तुहिना चक्रवर्ती ने संगीत के सात सुरों पर कत्थक की सरगम बंदिश पेश की। ग्रुप की सदस्याओं ने थाली नृत्य किया। कृष्ण के प्रति मीराबाई की चाहत को खूबसूरती से दर्शाया गया। डॉ. योगेंद्र चौबे द्वारा निर्देशित नाटक ग्लोबल राजा के मंचन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया गया।
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रंगमंच के कलाकार धीरज सोनी, राकेश भारती, विवेक सोनी, मोहित जैन, गीतांजलि ग्रेवाल ने नाटक के माध्यम से देश की वर्तमान राजनति पर व्यंग्य किया। इससे पहले ललित कला विभाग और बुंदेलखंड नाट्य कला समिति के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे उत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजा मान सिंह तोमर व संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रो. लवली शर्मा ने किया।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में साहित्य, संस्कृति, कला की प्रतिभाएं व्यापक हैं। जरूरत है रंगमंच के प्रोत्साहन की। इस मौके पर डॉ. हिमांशु द्विवेदी की लिखित पुस्तक स्वांग अतिथियों क ो प्रदान की गई। इस अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. वीके सहगल, कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक पीएन प्रसाद, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. बाबूलाल तिवारी, डॉ. मुहम्मद नईम, डॉ. यशोधरा शर्मा, डॉ. राधिका चौधरी, अनूप पांडेय मौजूद रहे।