फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   junk food addiction youth make aurthrighitis

नशे, जंक फूड की लत बना रही युवाओं को गठिया रोगी

Sat, 12 Oct 2019 02:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 02:24 AM IST
विज्ञापन
junk food addiction youth make aurthrighitis
junk food addiction youth make aurthrighitis
नशा, जंक फूड की लत बना रही युवाओं को गठिया रोगी
विज्ञापन

झांसी। स्टेराइड्स, जंक फूड और नशे की लत युवाओं को गठिया रोगी बना रही है। गलत तरीके से कसरत करना भी इसकी बड़ी वजह है। इस बीमारी में रक्त का संचार कम होने से जोड़ सूखने लगते हैं और व्यक्ति चलने-फिरने तक को मोहताज हो जाता है।
गठिया रोग सामान्यता वृद्धों में होने वाली बीमारी थी, लेकिन मौजूदा समय में अनियमित दिनचर्या और तला-भुना खानपान की वजह से युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसका अंदाजा महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में आने वाले रोगियों को देखकर लगाया जा सकता है। यहां हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना गठिया रोग से पीड़ित लगभग सौ मरीज आते हैं। इनमें तकरीबन चालीस फीसदी युवा होते हैं। इसमें भी 30 से 40 वर्ष की आयु की महिलाओं की संख्या अधिक होती है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित सहगल का कहना है कि गठिया रोग तेजी से युवाओं में बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजहों में ओस्टयोपोरेसिस होती है, जिससे न सिर्फ हड्डियां अपितु मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं। ये रोग होने पर व्यक्ति चलने-फिरने तक को मोहताज हो जाता है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी शुरू होने पर दवा के साथ फिजियोथैरेपी कारगर होती है। मगर जब मरीज को दैनिक कार्यों में परेशानी होने लगती है तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है। यदि मरीज के जोड़ों में सूजन है तो उन्हें कसरत नहीं करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

खानपान में बरतें सावधानी
- मौसमी फल, जिसमें सिट्रिक एसिड होता है जैसे नीबू, संतरा, मुसम्मी, चुकंदर आदि खाना चाहिए।
- ग्रीन टी जिसमें एंटीऑक्सिडेंट होता है, वह भी गठिया का असर कम करती है।
- लहसुन की पांच-छह कलियां रोजाना खाने से गठिया की सूजन कम होती है।
यह रखें ध्यान
- डेयरी उत्पाद, जंक व फास्ट फूड, तला व रिफाइंड फूड, मांसाहार, शराब का सेवन नुकसान पहुंचाता है।
- जिन लोगों का पाचन खराब होता है, उनकी बड़ी आंत में टॉक्सिक तत्व सड़ते हैं और खून के जरिए शरीर में फैल जाते हैं।
- यह विषैले तत्व जोड़ों में जमा हो जाते हैं।
- नियमित कसरत से टॉक्सिन जमा नहीं हो पाते हैं।
ऐसे करें बचाव
- विटामिन और मिनरल्स जैसे कि विटामिन डी, सी, बी-12 कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डी की मजबूती के लिए जरूरी होते हैं।
- जोड़ों के कमजोर होने का बड़ा कारण लोगों को उठने-बैठने का सही तरीका न आना है। पालथी या उकड़ू बैठने से घुटनों पर जोर पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed