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निकाय चुनाव: एक दशक बाद भी नहीं बढ़ी महिला सीटों की संख्या
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झांसी। आगामी नगर निकाय चुनावों में भी महिला सीटों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। पिछले चुनाव की तरह इस दफा भी महिलाओं के खाते में बीस सीटें ही आएंगी। कारण कि कोविड के चलते नई जनगणना कराई नहीं गई है।
यह निकाय चुनाव भी वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कराए जा रहे हैं। पुरानी जनगणना के आधार पर चुनाव होने से न वार्डों का परिसीमन बदला, न सीटों की संख्या में परिवर्तन हुआ। इस वजह से विभिन्न वर्गों को मिलने वाली सीटें भी ज्यों की त्यों रह गई। वर्ष 2012 व 2017 में हुए निकाय चुनाव में महिलाओं को कुल 20 सीटें आरक्षित हुई थीं। आरक्षित सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ। उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले निकाय चुनाव में नई जनगणना के आंकड़े आ जाने से महिलाओं को आरक्षित होने वाली सीटों में बढ़ोतरी होगी लेकिन, कोविड के चलते नई जनगणना कराई नहीं गई। यह निकाय चुनाव भी पुरानी जनगणना के आधार पर कराए जा रहे हैं। इस कारण इस बार भी महज 20 सीटें ही महिलाओं के खाते में आई हैं। महिलाओं को आरक्षित सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं, नगर आयुक्त पुलकित गर्ग का कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक आरक्षण कोटा तय है। उसी के मुताबिक सीटें आरक्षित की गई हैं।
इनसेट
वार्डों के न बढ़ने का भी उठाना पड़ा खामियाजा
सामान्य तौर पर यह निकाय चुनाव नई जनगणना के साथ ही कराए जाने चाहिए थे लेकिन, कोरोना संक्रमण के चलते नई जनगणना नहीं कराई जा सकी। इसी वजह से झांसी में वार्डों की संख्या 60 ही सीमित रह गई जबकि जनसंख्या बढ़ने से अब यह सीटों की संख्या बढ़कर 70-80 तक होनी थी। वार्डों की संख्या के मुताबिक ही शासन से अनुदान की रकम भी हासिल होती है।
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यह निकाय चुनाव भी वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कराए जा रहे हैं। पुरानी जनगणना के आधार पर चुनाव होने से न वार्डों का परिसीमन बदला, न सीटों की संख्या में परिवर्तन हुआ। इस वजह से विभिन्न वर्गों को मिलने वाली सीटें भी ज्यों की त्यों रह गई। वर्ष 2012 व 2017 में हुए निकाय चुनाव में महिलाओं को कुल 20 सीटें आरक्षित हुई थीं। आरक्षित सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ। उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले निकाय चुनाव में नई जनगणना के आंकड़े आ जाने से महिलाओं को आरक्षित होने वाली सीटों में बढ़ोतरी होगी लेकिन, कोविड के चलते नई जनगणना कराई नहीं गई। यह निकाय चुनाव भी पुरानी जनगणना के आधार पर कराए जा रहे हैं। इस कारण इस बार भी महज 20 सीटें ही महिलाओं के खाते में आई हैं। महिलाओं को आरक्षित सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं, नगर आयुक्त पुलकित गर्ग का कहना है कि शासन के निर्देश के मुताबिक आरक्षण कोटा तय है। उसी के मुताबिक सीटें आरक्षित की गई हैं।
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वार्डों के न बढ़ने का भी उठाना पड़ा खामियाजा
सामान्य तौर पर यह निकाय चुनाव नई जनगणना के साथ ही कराए जाने चाहिए थे लेकिन, कोरोना संक्रमण के चलते नई जनगणना नहीं कराई जा सकी। इसी वजह से झांसी में वार्डों की संख्या 60 ही सीमित रह गई जबकि जनसंख्या बढ़ने से अब यह सीटों की संख्या बढ़कर 70-80 तक होनी थी। वार्डों की संख्या के मुताबिक ही शासन से अनुदान की रकम भी हासिल होती है।
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