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झांसी के लाल ने किया गौरवान्वित
झांसी/ ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:25 PM IST
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झांसी के लाल विंग कमांडर परमवीर सिंह ने क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। साहसिक गतिविधियों के लिए उन्हें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार प्रदान किया गया है।
करगुंवा स्थित डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी / मेजर (रिटायर्ड) जेपी सिंह के पुत्र परमवीर सिंह भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एक्वा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त किया है। साल 2012 में उन्होंने दौ चैनल रेवास से गेटवे ऑफ इंडिया तथा धरमतार से गेटवे ऑफ इंडिया पार किया था। वह दो बार इंग्लिश चैनल पार करने वाली भारतीय टीम का नेतृत्व भी कर चुके हैं। इसके अलावा राफ्टिंग टीम का नेतृत्व करते हुए गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा नदी की तीन हजार किलोमीटर की दूरी 16 दिनों के रिकार्ड समय में प्राप्त की थी। इस अभियान में चार रिकार्ड भी स्थापित हुए थे। इतना ही नहीं, गोवा से मुंबई तक तैरने के लिए छह सदस्यीय रिले टीम का नेतृत्व करते हुए 119.59 घंटे में तैरना पूरा कर पिछले विश्व रिकार्ड को तोड़ा था। उन्होंने यह साहसिक कार्य ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को समर्पित किया था। उन्हें जल साहस के लिए राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार प्रदान किया है। बतौर पुरस्कार उन्हें एक प्रतिमा, प्रमाण पत्र, समारोह की पोशाक व पांच लाख रुपये नकद प्रदान किए गए हैं।
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करगुंवा स्थित डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी / मेजर (रिटायर्ड) जेपी सिंह के पुत्र परमवीर सिंह भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एक्वा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त किया है। साल 2012 में उन्होंने दौ चैनल रेवास से गेटवे ऑफ इंडिया तथा धरमतार से गेटवे ऑफ इंडिया पार किया था। वह दो बार इंग्लिश चैनल पार करने वाली भारतीय टीम का नेतृत्व भी कर चुके हैं। इसके अलावा राफ्टिंग टीम का नेतृत्व करते हुए गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा नदी की तीन हजार किलोमीटर की दूरी 16 दिनों के रिकार्ड समय में प्राप्त की थी। इस अभियान में चार रिकार्ड भी स्थापित हुए थे। इतना ही नहीं, गोवा से मुंबई तक तैरने के लिए छह सदस्यीय रिले टीम का नेतृत्व करते हुए 119.59 घंटे में तैरना पूरा कर पिछले विश्व रिकार्ड को तोड़ा था। उन्होंने यह साहसिक कार्य ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को समर्पित किया था। उन्हें जल साहस के लिए राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार प्रदान किया है। बतौर पुरस्कार उन्हें एक प्रतिमा, प्रमाण पत्र, समारोह की पोशाक व पांच लाख रुपये नकद प्रदान किए गए हैं।
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