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Jhansi: आस्था के आगे फीका पड़ गया जाम, वित्तीय वर्ष के आखिरी दिनों में गिरावट से आबकारी विभाग परेशान
Thu, 26 Mar 2026 11:45 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:45 AM IST
सार
सामान्य दिनों में झांसी में एक से लेकर सवा करोड़ रुपये की शराब की बिक्री होती है। नवरात्र आरंभ होने के साथ इसमें गिरावट होने लगी। अब रोजाना 70-80 लाख रुपये की ही शराब बिक रही है।
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आबकारी विभाग, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नवरात्र के नौ दिन शराब कारोबार पर भारी पड़ रहे हैं। मय के शौकीनों ने जाम छलकाने से फिलहाल दूरी बना रखी है, इसका सीधा असर शराब की बिक्री पर दिख रहा है। आबकारी अफसरों का कहना है कि शराब की खपत में करीब तीस फीसदी की गिरावट आई है। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिनों में आई इस गिरावट ने आबकारी अफसरों की परेशानी बढ़ा दी है। सरकारी खजाने को भरने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने शराब से दूरी बना ली है। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में झांसी में 1.10-1.25 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री होती है। नवरात्र आरंभ होने के साथ इसमें गिरावट होने लगी। अब रोजाना 70-80 लाख रुपये की शराब बिक रही है। इस तरह करीब तीस फीसदी गिरावट दर्ज हुई है। विभाग को सालभर में 676 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य था। अभी तक 610 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके हैं। आबकारी अफसरों का कहना है कि अब लक्ष्य पूरा होना मुश्किल है। शराब कारोबारी भी मानते हैं कि नवरात्र में बिक्री प्रभावित हुई लेकिन इस बार गिरावट ज्यादा है। दुकानदारों के अनुसार, शाम के समय जहां पहले भीड़ रहती थी, वहीं अब सन्नाटा नजर आ रहा है। जिला आबकारी अधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि हर साल नवरात्र में बिक्री में कमी आती है। इस दफा अधिक कमी दर्ज हुई है। कुछ सीजन ऐसे भी होते हैं, जिसमें बिक्री बढ़ जाती है।
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नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने शराब से दूरी बना ली है। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में झांसी में 1.10-1.25 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री होती है। नवरात्र आरंभ होने के साथ इसमें गिरावट होने लगी। अब रोजाना 70-80 लाख रुपये की शराब बिक रही है। इस तरह करीब तीस फीसदी गिरावट दर्ज हुई है। विभाग को सालभर में 676 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य था। अभी तक 610 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके हैं। आबकारी अफसरों का कहना है कि अब लक्ष्य पूरा होना मुश्किल है। शराब कारोबारी भी मानते हैं कि नवरात्र में बिक्री प्रभावित हुई लेकिन इस बार गिरावट ज्यादा है। दुकानदारों के अनुसार, शाम के समय जहां पहले भीड़ रहती थी, वहीं अब सन्नाटा नजर आ रहा है। जिला आबकारी अधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि हर साल नवरात्र में बिक्री में कमी आती है। इस दफा अधिक कमी दर्ज हुई है। कुछ सीजन ऐसे भी होते हैं, जिसमें बिक्री बढ़ जाती है।
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