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आराधना ने लगाया ‘गोल्डन पंच’
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:50 AM IST
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- फोटो : demo
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महानगर के खातीबाबा क्षेत्र के निवासी आराधना पटेल ने कोलकाता में आयोजित अखिल भारतीय आमंत्रित बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। आराधना का लक्ष्य ओलंपिक खेलना है। उनकी इस उपलब्धि पर बॉक्सिंग संघ ने उन्हें सम्मानित किया।
उत्तर प्रदेश बाक्सिंग संघ के कार्यक्रम में आराधना ने पत्रकारों से कहा कि बाक्सिंग के प्रति लगाव 16 वर्ष की उम्र में हुआ। अच्छा बॉक्सर बनने के लिए दिन में लगभग छह घंटे अभ्यास करती है। ककरबई थाने में कांस्टेबल पिता कृष्ण कुमार पटेल, भाई विनय व मां के प्रोत्साहन के चलते उनकी प्रेक्टिस कभी भी बाधित नहीं हुई। यहीं कारण है कि उन्होंने ऑल इंडिया इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से प्रतिभाग कर कांस्य पदक जीता तथा बीते 7 से 10 दिसंबर के बीच कोलकाता में हुई अखिल भारतीय आमंत्रित बाक्सिंग प्रतियोगिता में 60 भार वर्ग में गोल्ड जीता। वह प्रदेश की महिला सीनियर टीम में दो वर्ष से है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश बाक्सिंग संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. रोहित पांडे ने बताया कि आराधना पटेल महानगर की पहली महिला मुक्केबाज है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर गोल्ड जीता है।
आराधना के सम्मान अवसर पर प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर, अब्दुल हमीद, कोच शादाब, अब्दुल रसीद, विनय पटेल, निसार खान आदि मौजूद रहे।
भाई ने पहचानी थी प्रतिभा
बांदा में जन्मी आराधना पटेल के बेहतरीन बॉक्सर बनने की प्रतिभा भाई विनय ने पहचानी और उसे बाक्सिंग रिंग में ले आए। बीएससी कर चुकी आराधना के कोच शादाब खान और फिर आरिफउद्दीन ने बाक्सिंग की बारीकियां सिखायी। उन्होंने 2015 में हुई उत्तर प्रदेश की सीनियर महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। इसके अलावा अंतर विश्वविद्यालयीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता जो 2015 व 2017 में हुई में कांस्य जीता। गुवाहाटी में 2012 में हुई सीनियर नेशनल महिला प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग किया था। उनके अनुसार कुछेक बार प्रतियोगिता दौरान भेदभाव होता है। आराधना ने बताया कि परिवार में बड़ी बहन सुमन भी एथलीट है।
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उत्तर प्रदेश बाक्सिंग संघ के कार्यक्रम में आराधना ने पत्रकारों से कहा कि बाक्सिंग के प्रति लगाव 16 वर्ष की उम्र में हुआ। अच्छा बॉक्सर बनने के लिए दिन में लगभग छह घंटे अभ्यास करती है। ककरबई थाने में कांस्टेबल पिता कृष्ण कुमार पटेल, भाई विनय व मां के प्रोत्साहन के चलते उनकी प्रेक्टिस कभी भी बाधित नहीं हुई। यहीं कारण है कि उन्होंने ऑल इंडिया इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से प्रतिभाग कर कांस्य पदक जीता तथा बीते 7 से 10 दिसंबर के बीच कोलकाता में हुई अखिल भारतीय आमंत्रित बाक्सिंग प्रतियोगिता में 60 भार वर्ग में गोल्ड जीता। वह प्रदेश की महिला सीनियर टीम में दो वर्ष से है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश बाक्सिंग संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. रोहित पांडे ने बताया कि आराधना पटेल महानगर की पहली महिला मुक्केबाज है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर गोल्ड जीता है।
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आराधना के सम्मान अवसर पर प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर, अब्दुल हमीद, कोच शादाब, अब्दुल रसीद, विनय पटेल, निसार खान आदि मौजूद रहे।
भाई ने पहचानी थी प्रतिभा
बांदा में जन्मी आराधना पटेल के बेहतरीन बॉक्सर बनने की प्रतिभा भाई विनय ने पहचानी और उसे बाक्सिंग रिंग में ले आए। बीएससी कर चुकी आराधना के कोच शादाब खान और फिर आरिफउद्दीन ने बाक्सिंग की बारीकियां सिखायी। उन्होंने 2015 में हुई उत्तर प्रदेश की सीनियर महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। इसके अलावा अंतर विश्वविद्यालयीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता जो 2015 व 2017 में हुई में कांस्य जीता। गुवाहाटी में 2012 में हुई सीनियर नेशनल महिला प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग किया था। उनके अनुसार कुछेक बार प्रतियोगिता दौरान भेदभाव होता है। आराधना ने बताया कि परिवार में बड़ी बहन सुमन भी एथलीट है।
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