झांसी: सीपरी बाजार में रेलवे ट्रैक पर बीटेक छात्र का शव मिला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
शहर के दतिया गेट बाहर निवासी अथर्व साहू 20 पुत्र राजेश कुमार एसआरजीआई कालेज में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। शनिवार रात को वह घर से किसी काम से बाहर जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर रात तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने रात भर तलाशा लेकिन वह नहीं मिला।
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रविवार सुबह कोतवाली क्षेत्र स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज के करीब झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक पर बीटेक छात्र का शव पड़ा पाया गया। वह रात को खाना खाने के बाद घर से निकला था। परिजनों ने छात्र की हत्या का आरोप लगाया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक दतिया गेट बाहर निवासी अथर्व साहू (20) पुत्र राजेश कुमार एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। शनिवार रात करीब आठ बजे खाना खाकर वह घर से बाहर टहलने की बात कहकर निकला था। उसके बाद देर-रात तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कराई, लेकिन कहीं भी उसका पता नहीं चला। रविवार सुबह उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। धड़ से दायां हाथ अलग था। सिर समेत शरीर के दूसरे हिस्सों में चोट के कुछ निशान थे। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी तुरंत अस्पताल पहुंच गए।
अथर्व के फूफा प्रदीप साहू ने किसी रंजिश से इनकार किया है। उनका कहना है कि अथर्व का भी किसी से विवाद नहीं था। उन्होंने अथर्व की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि वह इसके पीछे पुलिस को भी कोई वजह नहीं बता सके। अथर्व दो भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई सनी (13) कक्षा आठ में पढ़ता है। पिता राजेश कुमार शहर के एक पेट्रोल पंप में काम करते हैं। बेटे की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा है।
मौत को सामने देख छात्र ने की थी बचने की कोशिश
मौत को सामने देख कर अथर्व ने बचने की कोशिश की लेकिन, वह कामयाब नहीं हुआ और ट्रेन की चपेट में आ गया। पोस्टमार्टम में यह साफ हुआ है कि उसे मारकर रेलवे ट्रैक पर नहीं फेंका गया बल्कि ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई है। चपेट में आने की वजह से उसके सिर एवं जबड़े में भी चोट आई है। रेलवे ट्रैक से थोड़ी दूर पर उसका मोबाइल फोन भी क्षतिग्रस्त हालत में मिला। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया। उसका फोन री स्टार्ट करने की कोशिश की गई लेकिन, वह शुरू नहीं हुआ। परिजनों का कहना है कि देर रात उन्होंने अथर्व को फोन लगाया लेकिन, उसने फोन नहीं उठाया।
पढ़ाई-लिखाई में तेज था अथर्व
अथर्व की मौत की खबर सुनकर उसके स्कूल के छात्र समेत पड़ोसी भी चीरघर पहुंच गए। पड़ोसियों का कहना था कि अथर्व हमेशा पढ़ाई-लिखाई में तेज रहा। इम्तिहान में उसके नंबर भी अच्छे आते थे। ऐसे में यह हादसा उनके गले नहीं उतर रहा। पड़ोसियों का कहना था कि अथर्व का किसी से विवाद भी नहीं होता था।