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इतनी खराब तो पहले कभी नहीं हुई झांसी की हवा!
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झांसी। इन दिनों झांसी की आबोहवा दीपावली से भी ज्यादा खराब हो गई है। दीपावली की रात झांसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 267 दर्ज किया गया था। लेकिन, अब यह बढ़कर 277 तक पहुंच गया है। इससे श्वांस रोगियों की सांसें फूल रहीं हैं। पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि शायद ही पहले कभी इतनी खराब हवा झांसी की रही होगी।
201 से 300 एक्यूआई होने पर जिला ऑरेंज जोन में आता है। जबकि, 301 से 400 एक्यूआई होने पर जिला रेड जोन कहलाता है। झांसी में सामान्यता वायु गुणवत्ता सूचकांक 125 के आसपास रहता है। मगर दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद ये 267 तक पहुंच गया था। हालांकि, दिवाली के अगले दिन से एक्यूआई घटने लगा और फिर से डेढ़ सौ के करीब पहुंच गया। मगर मंगलवार को जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विभाग में लगी मशीन में सुबह नौ बजे एक्यूआई 277 दर्ज हुआ। बीयू के पर्यावरण विभाग के डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि इन दिनों हवा नहीं चल रही है। ऐसे में दीपावली पर हुई आतिशबाजी का धुआं वातावरण में ही घूम रहा है। ये वाहनों से उड़ने वाली धूल में मिल जाता है। इसलिए चारों तरफ धुंध नजर आ रही है। जैसे ही हवा चलेगी तो प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा। हालांकि, इतना एक्यूआई शायद ही पहले कभी रहा होगा। क्योंकि, अब झांसी में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है। वाहनों से निकलने वाले धुएं से दिनों दिन प्रदूषण बढ़ रहा है। वहीं, वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता का कहना है कि 200 से अधिक एक्यूआई होना श्वांस रोगियों के लिए ठीक नहीं है। प्रदूषण की वजह कई श्वांस रोगी सांस उखड़ने, खांसी, छाती में जकड़न आदि समस्या लेकर आ रहे हैं।
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201 से 300 एक्यूआई होने पर जिला ऑरेंज जोन में आता है। जबकि, 301 से 400 एक्यूआई होने पर जिला रेड जोन कहलाता है। झांसी में सामान्यता वायु गुणवत्ता सूचकांक 125 के आसपास रहता है। मगर दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद ये 267 तक पहुंच गया था। हालांकि, दिवाली के अगले दिन से एक्यूआई घटने लगा और फिर से डेढ़ सौ के करीब पहुंच गया। मगर मंगलवार को जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विभाग में लगी मशीन में सुबह नौ बजे एक्यूआई 277 दर्ज हुआ। बीयू के पर्यावरण विभाग के डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि इन दिनों हवा नहीं चल रही है। ऐसे में दीपावली पर हुई आतिशबाजी का धुआं वातावरण में ही घूम रहा है। ये वाहनों से उड़ने वाली धूल में मिल जाता है। इसलिए चारों तरफ धुंध नजर आ रही है। जैसे ही हवा चलेगी तो प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा। हालांकि, इतना एक्यूआई शायद ही पहले कभी रहा होगा। क्योंकि, अब झांसी में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है। वाहनों से निकलने वाले धुएं से दिनों दिन प्रदूषण बढ़ रहा है। वहीं, वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता का कहना है कि 200 से अधिक एक्यूआई होना श्वांस रोगियों के लिए ठीक नहीं है। प्रदूषण की वजह कई श्वांस रोगी सांस उखड़ने, खांसी, छाती में जकड़न आदि समस्या लेकर आ रहे हैं।
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