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- किसानों को और महंगी पड़ेगी सिंचाई, पाइप, पंप के दाम बढ़े
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झांसी। डीजल की लगातार बढ़तीं कीमतें पहले से ही किसानों के लिए घाटे का सबब बनी हुई हैं, वहीं अब खेतों की सिंचाई में प्रयुक्त होने वाले पाइप व पंप सेट की कीमतों में भी तीस फीसदी तक की तेजी आ गई है। इससे खेतों में पानी देने की लागत बढ़ जाएगी।
किसानों की आय दोगुनी करने के दावे और वादों के बीच खेती की लागत तेजी से बढ़ती जा रही है। खासतौर पर बुंदेलखंड जैसे असिंचित क्षेत्र में किसानों के लिए खेती फायदा का सौदा नहीं रही है। क्षेत्र के तमाम इलाकों में भूगर्भ जल की उपलब्धता न होने तथा सिंचाई के अन्य साधन न होने की वजह से किसानों को अपने खेतों तक दूर-दूर से पानी लाना होता है। ज्यादातर क्षेत्रों में डीजल की मोटरें चलाकर नहर, कुएं व तालाबों से पाइपों के जरिये ये पानी खेतों तक लाया जाता है, लेकिन अब ये पाइप भी महंगाई की चपेट में आ गए हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ट्यूबवेल में डाला जाने वाला चार इंच का जो पाइप पिछले साल तक 1400 रुपये में मिल जाता था, लेकिन अब यह 1700 रुपये में मिल रहा है। ढाई इंच के सेक्शन पाइप की कीमत 65 से बढ़कर 80 से 85 रुपये प्रति फुट पर पहुंच गई है।
सामान्य पाइप की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। चार इंची का 20 फीट का जो पाइप 850-880 रुपये में मिलता था, इस बार वो 920-950 में बिक रहा है। इतना ही नहीं, पंप सेट की कीमतों में भी तेजी आई है। दो एचपी का पंपसेट 9500 से बढ़कर 11,000 रुपये पर पहुंच गया है।
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कच्चा तेल महंगा होने से बढ़े दाम
झांसी। कारोबारी अजय कुमार लिखधारी ने बताया कि प्लास्टिक बनाने वाले दाने का बेस कच्चा तेल होता है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से दाना महंगा हो गया है। जिससे इससे बनने वाले उत्पादों के दाम भी बढ़ गए हैं। वहीं, लोहा और तांबा महंगा होने से पानी की मोटरों के दाम बढ़ गए हैं। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल महंगा होने से माला भाड़ा भी बढ़ा है। इसका भी कीमतों पर असर पड़ा है।
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किसानों की आय दोगुनी करने के दावे और वादों के बीच खेती की लागत तेजी से बढ़ती जा रही है। खासतौर पर बुंदेलखंड जैसे असिंचित क्षेत्र में किसानों के लिए खेती फायदा का सौदा नहीं रही है। क्षेत्र के तमाम इलाकों में भूगर्भ जल की उपलब्धता न होने तथा सिंचाई के अन्य साधन न होने की वजह से किसानों को अपने खेतों तक दूर-दूर से पानी लाना होता है। ज्यादातर क्षेत्रों में डीजल की मोटरें चलाकर नहर, कुएं व तालाबों से पाइपों के जरिये ये पानी खेतों तक लाया जाता है, लेकिन अब ये पाइप भी महंगाई की चपेट में आ गए हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ट्यूबवेल में डाला जाने वाला चार इंच का जो पाइप पिछले साल तक 1400 रुपये में मिल जाता था, लेकिन अब यह 1700 रुपये में मिल रहा है। ढाई इंच के सेक्शन पाइप की कीमत 65 से बढ़कर 80 से 85 रुपये प्रति फुट पर पहुंच गई है।
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सामान्य पाइप की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। चार इंची का 20 फीट का जो पाइप 850-880 रुपये में मिलता था, इस बार वो 920-950 में बिक रहा है। इतना ही नहीं, पंप सेट की कीमतों में भी तेजी आई है। दो एचपी का पंपसेट 9500 से बढ़कर 11,000 रुपये पर पहुंच गया है।
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कच्चा तेल महंगा होने से बढ़े दाम
झांसी। कारोबारी अजय कुमार लिखधारी ने बताया कि प्लास्टिक बनाने वाले दाने का बेस कच्चा तेल होता है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से दाना महंगा हो गया है। जिससे इससे बनने वाले उत्पादों के दाम भी बढ़ गए हैं। वहीं, लोहा और तांबा महंगा होने से पानी की मोटरों के दाम बढ़ गए हैं। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल महंगा होने से माला भाड़ा भी बढ़ा है। इसका भी कीमतों पर असर पड़ा है।