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डेढ़ घंटे देर से रवाना हुई इंटरसिटी, परेशान रहे यात्री
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झांसी। झांसी से लखनऊ के बीच चलने वाली इंटरसिटी का संचालन आए दिन बिगड़ने लगा है। इस ट्रेन में प्रतिदिन तीन सौ से अधिक मुसाफिर झांसी से सफर करते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह यह ट्रेन डेढ़ घंटे देरी से रवाना हुई। इस कारण यात्री परेशान रहे।
यात्रियों के लिए झांसी से लखनऊ की तरफ जाने वाली इंटरसिटी बेहद सुविधाजनक ट्रेन मानी जाती है। यह ट्रेन झांसी स्टेशन से सुबह 6.15 बजे चलकर लखनऊ दोपहर 12 बजे पहुंचती है। वापसी में यह ट्रेन लखनऊ से शाम चार बजे चलकर रात 10.35 बजे झांसी आती है। इस ट्रेन को रास्ते में मोंठ, एट, उरई, कालपी, पुखरायां, गोविंदपुरी, कानपुर सेंट्रल व उन्नाव स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। इस ट्रेन में सिर्फ बैठने की व्यवस्था (चेयरकार) होने के कारण दूसरी एक्सप्रेस गाड़ियों की तुलना में किराया कम लगता है। इस ट्रेन का संचालन आए दिन बिगड़ा चल रहा है।
बुधवार की रात यह ट्रेन लखनऊ से ढाई घंटे की देरी से आई। ट्रेन के आने के बाद छह घंटे रख-रखाव कार्य में चले गए। इस कारण बृहस्पतिवार की सुबह यह ट्रेन डेढ़ घंटे देरी से रवाना की गई। सुबह-सुबह इस ट्रेन को पकड़ने के लिए यात्रियों में भागमभाग मची रहती है। ट्रेन से देरी से चलने के कारण तमाम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यात्रियों के लिए झांसी से लखनऊ की तरफ जाने वाली इंटरसिटी बेहद सुविधाजनक ट्रेन मानी जाती है। यह ट्रेन झांसी स्टेशन से सुबह 6.15 बजे चलकर लखनऊ दोपहर 12 बजे पहुंचती है। वापसी में यह ट्रेन लखनऊ से शाम चार बजे चलकर रात 10.35 बजे झांसी आती है। इस ट्रेन को रास्ते में मोंठ, एट, उरई, कालपी, पुखरायां, गोविंदपुरी, कानपुर सेंट्रल व उन्नाव स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। इस ट्रेन में सिर्फ बैठने की व्यवस्था (चेयरकार) होने के कारण दूसरी एक्सप्रेस गाड़ियों की तुलना में किराया कम लगता है। इस ट्रेन का संचालन आए दिन बिगड़ा चल रहा है।
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बुधवार की रात यह ट्रेन लखनऊ से ढाई घंटे की देरी से आई। ट्रेन के आने के बाद छह घंटे रख-रखाव कार्य में चले गए। इस कारण बृहस्पतिवार की सुबह यह ट्रेन डेढ़ घंटे देरी से रवाना की गई। सुबह-सुबह इस ट्रेन को पकड़ने के लिए यात्रियों में भागमभाग मची रहती है। ट्रेन से देरी से चलने के कारण तमाम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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