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Jhansi News: आईसीयू के एसी चार दिन से खराब, जिम्मेदारों को खबर ही नहीं
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गंभीर हालत में पड़े रोगियों के लिए हाथों से हवा करते रहते हैं परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बनी आईसीयू के एसी चार दिन से खराब हैं। गंभीर हालत में भर्ती बेसुध मरीज उमस की वजह से परेशान हैं। हाल यह है कि आईसीयू में तीमारदार कागज या दफ्ती से हवा कर रहे हैं। यही नहीं, वार्डों में तो रोगी के बेड और जमीन पर बैठकर लोग कभी खाना खाते हैं तो कभी सोते रहते हैं। इन हालात में रोगियों में संक्रमण फैलने का डर रहता है मगर कोई रोकने वाला नहीं।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिंताजनक हालत में आने वाले रोगियों को आईसीयू में भर्ती किया जाता है। नियमानुसार इसमें किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं होती है। संक्रमण न फैले, इसलिए निर्धारित तापमान पर एसी चलाया जाता है। हैरानी तो यह है कि प्राचार्य के साथ-साथ सीएमएस और एसआईसी का आना-जाना लगा रहता है मगर किसी को भी आईसीयू में खराब पड़े एसी की जानकारी नहीं है।
रोगी की चिंताजनक हालत देख परिजन हाथों से हवा कर रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति वार्डों की बनी हुई है। इनमें तीमारदार न सिर्फ रोगी के बेड पर लेटे या बैठे रहते हैं बल्कि जमीन पर बैठकर खाना भी खाते रहते हैं मगर कोई टोकने वाला भी नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे हालात में न सिर्फ रोगी बल्कि तीमारदारों में संक्रमण का खतरा बना रहता है।
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0-वर्जन
आईसीयू का चार दिन से एसी खराब है, मुझे किसी ने नहीं बताया। नर्स को बताना चाहिए था ताकि उसे सही कराकर चालू किया जा सके। शनिवार को एसी सही करवा दिए जाएंगे। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बनी आईसीयू के एसी चार दिन से खराब हैं। गंभीर हालत में भर्ती बेसुध मरीज उमस की वजह से परेशान हैं। हाल यह है कि आईसीयू में तीमारदार कागज या दफ्ती से हवा कर रहे हैं। यही नहीं, वार्डों में तो रोगी के बेड और जमीन पर बैठकर लोग कभी खाना खाते हैं तो कभी सोते रहते हैं। इन हालात में रोगियों में संक्रमण फैलने का डर रहता है मगर कोई रोकने वाला नहीं।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिंताजनक हालत में आने वाले रोगियों को आईसीयू में भर्ती किया जाता है। नियमानुसार इसमें किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं होती है। संक्रमण न फैले, इसलिए निर्धारित तापमान पर एसी चलाया जाता है। हैरानी तो यह है कि प्राचार्य के साथ-साथ सीएमएस और एसआईसी का आना-जाना लगा रहता है मगर किसी को भी आईसीयू में खराब पड़े एसी की जानकारी नहीं है।
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रोगी की चिंताजनक हालत देख परिजन हाथों से हवा कर रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति वार्डों की बनी हुई है। इनमें तीमारदार न सिर्फ रोगी के बेड पर लेटे या बैठे रहते हैं बल्कि जमीन पर बैठकर खाना भी खाते रहते हैं मगर कोई टोकने वाला भी नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे हालात में न सिर्फ रोगी बल्कि तीमारदारों में संक्रमण का खतरा बना रहता है।
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आईसीयू का चार दिन से एसी खराब है, मुझे किसी ने नहीं बताया। नर्स को बताना चाहिए था ताकि उसे सही कराकर चालू किया जा सके। शनिवार को एसी सही करवा दिए जाएंगे। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज