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अस्थायी संयोजनों में नहीं मिले मीटर
ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2015 01:44 AM IST
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झांसी। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता ने शुक्रवार को अस्थायी संयोजनों की जांच की। इस दौरान कई संयोजनों में मीटर नहीं लगा पाया गया। एक अन्य मामले में इलाहाबाद बैंक के निकट स्थित एक बेकरी में अस्थायी संयोजन पर सप्लाई पाई गई। संबंधित अफसरों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत विभाग ने भवन आदि निर्माण के दौरान अस्थायी संयोजन लेकर विद्युत उपभोग का प्रावधान कर रखा है। एक किलोवाट का संयोजन तीन माह के लिए 2300 रुपये में मिलता है। अस्थायी संयोजन में भी मीटर लगाने का प्रावधान है। ताकि पता चल सके कि तीन माह के दौरान उपभोक्ता ने कितने यूनिट बिजली खर्च की।
अगर बिजली 2300 रुपये से अधिक खर्च हुई तो उपभोक्ता को बकाया राशि जमा करनी पड़ती है। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता ने आईटीआई स्थित न्यू सिद्धेश्वर नगर में चल रहे निर्माण कार्यों में लगे अस्थायी संयोजनों की जांच की। जांच के दौरान हरिकिशन डिग्री कालेज के पास कृषि विभाग के एक कर्मचारी के निर्माणाधीन मकान समेत तीन के अस्थायी संयोजनों में मीटर नहीं लगे पाए गए।
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इसी तरह इलाहाबाद बैंक चौराहे के निकट एक बेकरी संचालक ने प्रतिष्ठान निर्माण के दौरान अस्थायी संयोजन लिया था। प्रतिष्ठान चालू हो चुका है, इसके बाद भी अस्थायी संयोजन पर बिजली जलती पायी गई। संबंधित अधिशासी अभियंताओं को उक्त उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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विद्युत विभाग ने भवन आदि निर्माण के दौरान अस्थायी संयोजन लेकर विद्युत उपभोग का प्रावधान कर रखा है। एक किलोवाट का संयोजन तीन माह के लिए 2300 रुपये में मिलता है। अस्थायी संयोजन में भी मीटर लगाने का प्रावधान है। ताकि पता चल सके कि तीन माह के दौरान उपभोक्ता ने कितने यूनिट बिजली खर्च की।
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अगर बिजली 2300 रुपये से अधिक खर्च हुई तो उपभोक्ता को बकाया राशि जमा करनी पड़ती है। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता ने आईटीआई स्थित न्यू सिद्धेश्वर नगर में चल रहे निर्माण कार्यों में लगे अस्थायी संयोजनों की जांच की। जांच के दौरान हरिकिशन डिग्री कालेज के पास कृषि विभाग के एक कर्मचारी के निर्माणाधीन मकान समेत तीन के अस्थायी संयोजनों में मीटर नहीं लगे पाए गए।
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इसी तरह इलाहाबाद बैंक चौराहे के निकट एक बेकरी संचालक ने प्रतिष्ठान निर्माण के दौरान अस्थायी संयोजन लिया था। प्रतिष्ठान चालू हो चुका है, इसके बाद भी अस्थायी संयोजन पर बिजली जलती पायी गई। संबंधित अधिशासी अभियंताओं को उक्त उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।