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Jhansi News: हाईकोर्ट ने हरेंद्र मसीह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की रद्द
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हरेंद्र मसीह
झांसी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हरेंद्र कुमार मसीह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत झांसी की विशेष अदालत में लंबित कार्यवाही को रद्द कर दिया है। उच्च न्यायालय ने 10 सितंबर को यह आदेश पारित किया। आदेश के बाद हरेंद्र मसीह ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर कुर्क की गई संपत्तियों और बैंक खातों को मुक्त करने का अनुरोध किया है। उसके खिलाफ करीब एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था।
हरेंद्र मसीह के खिलाफ सात फरवरी 2025 को नवाबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसके खिलाफ हरेंद्र ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 20685 दाखिल कर विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), झांसी की अदालत में लंबित कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने 10 सितंबर को लंबित कार्यवाही को समाप्त करने का आदेश दिया।
डीएम न्यायालय में संपत्ति कुर्की का मामला
हरेंद्र मसीह के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 14(1) के तहत जिलाधिकारी न्यायालय में भी वाद लंबित है। इसी के तहत संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरेंद्र ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर इस मामले में भी कार्रवाई समाप्त करने और कुर्क संपत्तियों को मुक्त करने का अनुरोध किया है।
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कानपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, हरेंद्र मसीह के खिलाफ करीब एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया था। इसी क्रम में नवाबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और विशेष न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले में झांसी, प्रयागराज और लखनऊ में स्थित संपत्तियों का उल्लेख किया गया था। कानपुर जिलाधिकारी ने पिछले वर्ष करीब दस करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था।
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विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) और जिलाधिकारी न्यायालय में चल रहे हरेंद्र मसीह से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही को क्वैश (अभिखंडित) कर दिया है। हरेंद्र ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर कुर्क संपत्तियों को मुक्त करने की मांग की है। -अजय कुमार मिश्र, संयुक्त निदेशक, अभियोजन
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हरेंद्र मसीह के खिलाफ सात फरवरी 2025 को नवाबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसके खिलाफ हरेंद्र ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 20685 दाखिल कर विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), झांसी की अदालत में लंबित कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने 10 सितंबर को लंबित कार्यवाही को समाप्त करने का आदेश दिया।
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डीएम न्यायालय में संपत्ति कुर्की का मामला
हरेंद्र मसीह के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 14(1) के तहत जिलाधिकारी न्यायालय में भी वाद लंबित है। इसी के तहत संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरेंद्र ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर इस मामले में भी कार्रवाई समाप्त करने और कुर्क संपत्तियों को मुक्त करने का अनुरोध किया है।
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कानपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, हरेंद्र मसीह के खिलाफ करीब एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया था। इसी क्रम में नवाबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और विशेष न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले में झांसी, प्रयागराज और लखनऊ में स्थित संपत्तियों का उल्लेख किया गया था। कानपुर जिलाधिकारी ने पिछले वर्ष करीब दस करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था।
विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) और जिलाधिकारी न्यायालय में चल रहे हरेंद्र मसीह से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही को क्वैश (अभिखंडित) कर दिया है। हरेंद्र ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर कुर्क संपत्तियों को मुक्त करने की मांग की है। -अजय कुमार मिश्र, संयुक्त निदेशक, अभियोजन