फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Herbal trade will increase after construction of drug park

Jhansi News: ड्रग पार्क बनने से बढ़ेगा जड़ी-बूटी का व्यापार

Thu, 16 Jan 2025 12:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
Herbal trade will increase after construction of drug park
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। सहरिया आदिवासी जंगलों से जड़ी बूटी का दोहन करते हैं, लेकिन इसका उचित मूल्य न मिलने के कारण उन्होंने कदम पीछे खींच लिया है। अब वन विभाग ने जड़ी बूटी कारोबार को बल्क ड्रग पार्क से जोड़ने का निर्णय लिया है। इससे आदिवासियों को जड़ी बूटी का उचित दाम मिलेगा, साथ ही वनों को विकसित किया जाएगा।
बुंदेलखंड का ललितपुर जिला अनादि काल से औषधीय वनस्पतियों के लिए विख्यात रहा है। इसी कारण च्यवन ऋषि ने यहां आश्रम बनाकर इसे विश्वभर में प्रचलित किया। मड़ावरा, गौना व ललितपुर वन क्षेत्र में जड़ी-बूटियां बहुतायत में हैं। यहां अश्वगंधा, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, सफेद मूसली समेत कई अन्य अमूल्य औषधियां मिलती हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक मूसली, अश्वगंधा, प्लाश, शंखपुष्पी, भूमि आंवला, खेर के बीज, गांद, कसीटा, धावड़ा, कमरकस जड़ी-बूटी विलुप्त हो गई है।
विज्ञापन

वन विभाग ने इस कारोबार को विकसित करने के लिए अब नई कार्ययोजना तैयार की है। यहां संचालित होने जा रहे बल्क ड्रग पार्क से इसे जोड़कर संभावनाएं तलाशने की योजना है। ड्रग पार्क को आयुर्वेदिक औषधि कारोबार से सीधे जोड़ने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------
नहीं मिलती सही कीमत : जड़ी इकट्ठा करने के लिए अभी वन निगम का कोई केंद्र नहीं है। आदिवासी जंगलों से जड़ी बूटी का दोहन कर निजी व्यापारियों के यहां बेचते हैं। उन्हें बाजार में इसकी असल कीमत का दस प्रतिशत ही मिल पाता है, जिससे उनका गुजारा नहीं हो पाता। यही कारण है कि अब आदिवासी जड़ी बूटी का दोहन छोड़ मजदूरी के लिए अन्य जिलों में पलायन कर रहे हैं।

-------------------
जड़ी-बूटी कारोबार को बल्क ड्रग पार्क से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आयुर्वेदिक कंपनियों को जिन औषधियों की आवश्यकता होती है, उसके लिए आयुष वनों की स्थापना की जाएगी। इससे जंगलों पर आश्रित लोगों को रोजगार मिलेगा।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article