{"_id":"bb495f367b4e6213b5dcb38ac19173c8","slug":"health-hindi-news-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल पर गूंजेगी ‘किलकारी’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल पर गूंजेगी ‘किलकारी’
ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2015 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। भारत सरकार की ‘किलकारी’ मोबाइल सेवा के तहत अब मां और बच्चे को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां फोन पर ही मिलेंगी। हर सप्ताह डॉक्टर अनीता फोन करके गर्भावस्था या बच्चे की उम्र के हिसाब से जरूरी स्वास्थ्य सलाह देंगी। यह फोन गर्भावस्था से लेकर बच्चे के एक साल के हो जाने तक आएंगे।
गौरतलब है कि आशा, एएनएम के पास गर्भावस्था का पंजीकरण या बच्चे की जन्म दिनांक का पंजीकरण करवाया जाता है। स्वास्थ्य कार्यकत्रियां यह जानकारी भारत सरकार के मातृत्व एवं बाल ट्रेकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) में दर्ज करवाती हैं।
इसको और प्रभावी बनाने के लिए अब गर्भवती महिलाओं व एक साल तक के नवजात शिशु के लिए स्वास्थ्य जानकारियां देने के लिए रिकॉर्डेड फोन किए जाएंगे। यदि गर्भवती अथवा मां को डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह से जुड़ा कोई प्रश्न पूछना है, तो वह आशा या एएनएम की मदद ले सकती हैं।
विज्ञापन
रजिस्ट्रेशन के वक्त महिला द्वारा दिया गया मोबाइल नंबर बदल जाता है, तो उसके पास फोन आने बंद हो जाएंगे। सेवा को पुन: शुरू करवाने के लिए नया नंबर एएनएम को बताना होगा। स्वास्थ्य कार्यकत्रियां दोबारा नए नंबर का पंजीकरण करवाएंगी।
सप्ताह में चार बार आएगी कॉल
एक बार कॉल आने पर गर्भवती/मां किसी कारण से फोन नहीं उठा पाती है तो सप्ताह में डॉक्टर द्वारा तीन बार और कॉल की जाएगी। 1800-3010-1703 नंबर पर फोन कर डॉक्टर की बात दोबारा सुनी जा सकती है। इसका कोई पैसा नहीं लगेगा।
विज्ञापन
गौरतलब है कि आशा, एएनएम के पास गर्भावस्था का पंजीकरण या बच्चे की जन्म दिनांक का पंजीकरण करवाया जाता है। स्वास्थ्य कार्यकत्रियां यह जानकारी भारत सरकार के मातृत्व एवं बाल ट्रेकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) में दर्ज करवाती हैं।
विज्ञापन
इसको और प्रभावी बनाने के लिए अब गर्भवती महिलाओं व एक साल तक के नवजात शिशु के लिए स्वास्थ्य जानकारियां देने के लिए रिकॉर्डेड फोन किए जाएंगे। यदि गर्भवती अथवा मां को डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह से जुड़ा कोई प्रश्न पूछना है, तो वह आशा या एएनएम की मदद ले सकती हैं।
विज्ञापन
रजिस्ट्रेशन के वक्त महिला द्वारा दिया गया मोबाइल नंबर बदल जाता है, तो उसके पास फोन आने बंद हो जाएंगे। सेवा को पुन: शुरू करवाने के लिए नया नंबर एएनएम को बताना होगा। स्वास्थ्य कार्यकत्रियां दोबारा नए नंबर का पंजीकरण करवाएंगी।
सप्ताह में चार बार आएगी कॉल
एक बार कॉल आने पर गर्भवती/मां किसी कारण से फोन नहीं उठा पाती है तो सप्ताह में डॉक्टर द्वारा तीन बार और कॉल की जाएगी। 1800-3010-1703 नंबर पर फोन कर डॉक्टर की बात दोबारा सुनी जा सकती है। इसका कोई पैसा नहीं लगेगा।