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हर घर जल: अभी झांसी वालों को करना होगा चार महीने का इंतजार
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झांसी। गांव के प्रत्येक व्यक्ति को पीने का शुद्ध पानी पहुंचाने को झांसी में चल रही जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना के अंतर्गत अभी चार महीने और इंतजार करना पड़ेगा। इसमें मार्च तक कनेक्शन देने का लक्ष्य है। जिले में दस ग्राम समूह पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। जिस तरह से काम की रफ्तार है उससे लगता नहीं कि इन गर्मियों में गांवों की आबादी पेयजल समस्या से मुक्त हो पाएगी।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 2024 तक ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल का कनेक्शन देने का निर्णय लिया है। जिले के 644 गांवों में घर - घर पीने का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे 14,14,522 आबादी को पीने का पानी मिलेगा। योजना पर 1627.94 करोड़ रुपये खर्च होेंगे। योजना से जिले भर के गांवों को कवर करने के लिए दस परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें ग्राम गुलारा, पुरवा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, कुरैचा, इमलौटा, बरथरी, टेहरका और बरवार शामिल हैं।
योजना के अंतर्गत दस इंटेकवेल बनाए जा रहे हैं। 20 सीडब्ल्यूआर और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर काम चल रहा है। 101 ओवरहैड टैंक के सापेक्ष 55 पर काम प्रगति पर हैं। बुढ़पुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के अंतर्गत आसपास के 65 गांवों की 165472 आबादी को लाभान्वित किया जाएगा। इसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ओवरहैड टैंक का निर्माण चल रहा है। इसके लिए 14 टंकियां बनाने का काम भी चल रहा है। माताटीला बांध से आने वाले पानी को शुद्ध कर ग्रामीणों को पीने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह तिलैथा योजना के अंतर्गत तीस गांवों की 44091 आबादी, बचावली के 40 गांवों की 78,011 आबादी, गुलारा के 44ं गांवों की 61,475आबादी, कुरैचा के 74 गांवों की 1,56,731 आबादी, इमलोटा के 92 गांवों क्री 1,64,869 आबादी, टेहरका के 91 गांवों की 1,74,124आबादी, पुरवा के 34 गांवों की 47,214 आबादी, बरथरी के 118 गांवों की 1,98,547 आबादी और बरबार के 59 गांवों की 1,58,247 को पेयजल के लिए मार्च तक कनेक्शन देने का लक्ष्य है।
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बुंदेलखंड की पेयजल योजना यहां के गांवों के लिए वरदान साबित होगी। इसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को शुद्ध किया जाएगा। पानी में फ्लोराइड या आर्सेनिक नहीं होगा, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार आरओ का पेयजल मिलेगा। इससे पानी की बीमारियों से ग्रामीणों को निजात मिलेगी। पानी की सप्लाई में पर्याप्त प्रेशर होगा। पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। झांसी में मार्च के अंत तक कनेक्शन देने का लक्ष्य है, इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
- बृजेंद्र कुमार लिटौरिया
इंजीनियरिंग कंसलटेंट राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन, लखनऊ
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जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार ने 2024 तक ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल का कनेक्शन देने का निर्णय लिया है। जिले के 644 गांवों में घर - घर पीने का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे 14,14,522 आबादी को पीने का पानी मिलेगा। योजना पर 1627.94 करोड़ रुपये खर्च होेंगे। योजना से जिले भर के गांवों को कवर करने के लिए दस परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें ग्राम गुलारा, पुरवा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, कुरैचा, इमलौटा, बरथरी, टेहरका और बरवार शामिल हैं।
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योजना के अंतर्गत दस इंटेकवेल बनाए जा रहे हैं। 20 सीडब्ल्यूआर और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर काम चल रहा है। 101 ओवरहैड टैंक के सापेक्ष 55 पर काम प्रगति पर हैं। बुढ़पुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के अंतर्गत आसपास के 65 गांवों की 165472 आबादी को लाभान्वित किया जाएगा। इसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ओवरहैड टैंक का निर्माण चल रहा है। इसके लिए 14 टंकियां बनाने का काम भी चल रहा है। माताटीला बांध से आने वाले पानी को शुद्ध कर ग्रामीणों को पीने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह तिलैथा योजना के अंतर्गत तीस गांवों की 44091 आबादी, बचावली के 40 गांवों की 78,011 आबादी, गुलारा के 44ं गांवों की 61,475आबादी, कुरैचा के 74 गांवों की 1,56,731 आबादी, इमलोटा के 92 गांवों क्री 1,64,869 आबादी, टेहरका के 91 गांवों की 1,74,124आबादी, पुरवा के 34 गांवों की 47,214 आबादी, बरथरी के 118 गांवों की 1,98,547 आबादी और बरबार के 59 गांवों की 1,58,247 को पेयजल के लिए मार्च तक कनेक्शन देने का लक्ष्य है।
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बुंदेलखंड की पेयजल योजना यहां के गांवों के लिए वरदान साबित होगी। इसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को शुद्ध किया जाएगा। पानी में फ्लोराइड या आर्सेनिक नहीं होगा, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार आरओ का पेयजल मिलेगा। इससे पानी की बीमारियों से ग्रामीणों को निजात मिलेगी। पानी की सप्लाई में पर्याप्त प्रेशर होगा। पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। झांसी में मार्च के अंत तक कनेक्शन देने का लक्ष्य है, इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
- बृजेंद्र कुमार लिटौरिया
इंजीनियरिंग कंसलटेंट राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन, लखनऊ