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बीएसएनएल को खत्म करना चाहती है सरकार
Tue, 19 Feb 2019 02:02 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Tue, 19 Feb 2019 02:02 AM IST
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- फोटो : amarujala
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भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के कर्मचारी सोमवार से अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इससे कार्यालय में कामकाज पूरी तरह ठप बना रहा।
इस मौके पर संचार निगम एक्जीक्यूटिव एसोसिएशन के जिला सचिव पवित्र सिंह ने पत्रकारों को बताया गया कि सरकार बीएसएनएल को खत्म करना चाहती है। वह यह कदापि नहीं चाहती कि बीएसएनएल रिलायंस जिओ से सक्षमता के साथ प्रतिस्पर्धा करे। इसलिए वह बीएसएनएल को फोर जी स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं करना चाहती है। दूसरी कंपनियों के प्रलोभन से राजस्व में कई हजार करोड़ की हानि हुई है। सरकार नहीं चाहती कि बीएसएनएल बैंक से कर्ज ले, जबकि निजी कंपनियां सरकारी व निजी बैंकों से करोड़ों रुपयों की कर्जदार हैं। 2017- 18 में बीएसएनएल पर 11,500 करोड़, रिलायंस पर 87,425 करोड़, एयरटेल पर 16,0300 करोड़ और आईडिया पर 1,38,300 करोड़ का कर्ज है। सरकार नहीं चाहती कि बीएसएनएल अपनी खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर राजस्व अर्जित करे। इससे 5000 से 8000 करोड़ अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। पेंशन पुनरीक्षण को वेतन संशोधन से पृथक करने की गाइड लाइन का भी पालन नहीं हो रहा है। परिचालन और रखरखाव के लिए आउट सोर्सिंग प्रथा को बंद होना चाहिए। उन्होंने 19 फरवरी को कार्यालय में स्थापित मंदिर में सरकार के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ होगा और 20 फरवरी को ललितपुर रोड स्थित कार्यालय से कर्मचारी और अधिकारी इलाइट चौराहे तक रैली निकालेंगे। इस मौके पर सहायक परिमंडल सचिव पीके सिरौठिया, जिलाध्यक्ष मयंक गुप्ता, अजय कुमार मौजूद रहे।
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इस मौके पर संचार निगम एक्जीक्यूटिव एसोसिएशन के जिला सचिव पवित्र सिंह ने पत्रकारों को बताया गया कि सरकार बीएसएनएल को खत्म करना चाहती है। वह यह कदापि नहीं चाहती कि बीएसएनएल रिलायंस जिओ से सक्षमता के साथ प्रतिस्पर्धा करे। इसलिए वह बीएसएनएल को फोर जी स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं करना चाहती है। दूसरी कंपनियों के प्रलोभन से राजस्व में कई हजार करोड़ की हानि हुई है। सरकार नहीं चाहती कि बीएसएनएल बैंक से कर्ज ले, जबकि निजी कंपनियां सरकारी व निजी बैंकों से करोड़ों रुपयों की कर्जदार हैं। 2017- 18 में बीएसएनएल पर 11,500 करोड़, रिलायंस पर 87,425 करोड़, एयरटेल पर 16,0300 करोड़ और आईडिया पर 1,38,300 करोड़ का कर्ज है। सरकार नहीं चाहती कि बीएसएनएल अपनी खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर राजस्व अर्जित करे। इससे 5000 से 8000 करोड़ अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। पेंशन पुनरीक्षण को वेतन संशोधन से पृथक करने की गाइड लाइन का भी पालन नहीं हो रहा है। परिचालन और रखरखाव के लिए आउट सोर्सिंग प्रथा को बंद होना चाहिए। उन्होंने 19 फरवरी को कार्यालय में स्थापित मंदिर में सरकार के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ होगा और 20 फरवरी को ललितपुर रोड स्थित कार्यालय से कर्मचारी और अधिकारी इलाइट चौराहे तक रैली निकालेंगे। इस मौके पर सहायक परिमंडल सचिव पीके सिरौठिया, जिलाध्यक्ष मयंक गुप्ता, अजय कुमार मौजूद रहे।
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