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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में शुरू नहीं हो पाई मुफ्त एंजियोप्लास्टी
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- असाध्य रोगियों के लिए आया दो करोड़ रुपये बजट हो गया वापस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मुफ्त एंजियोप्लास्टी शुरू करने की पहल को झटका लगा है। तय समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने की वजह से असाध्य रोगियों के लिए आया दो करोड़ रुपये का बजट शासन के पास वापस चला गया। अब आचार संहिता खत्म होने के बाद कॉलेज प्रशासन फिर शासन से बजट मांगेगा।
दिसंबर 2023 में शासन ने मेडिकल कॉलेज को असाध्य रोगियों के इलाज के लिए तीन करोड़ रुपये बजट दिया था। इसमें एक करोड़ रुपये से किडनी रोगियों का डायलिसिस का सामान खरीदने आदि पर खर्च कर दिया गया। जबकि, दो करोड़ से हृदय रोगियों के लिए स्टेंट खरीदे जाने थे। पहले कॉलेज प्रशासन ने शासन से लखनऊ के एक सरकारी अस्पताल के रेट कांट्रेक्ट पर स्टेंट खरीदने की अनुमति मांगी। शासन ने ई-टेंडर कराकर स्टेंट खरीदने के निर्देश दिए। टेंडर प्रक्रिया के बीच में ही आचार संहिता लग गई। इसलिए टेंडर नहीं खुल सका। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि आचार संहिता खत्म होने के बाद फिर से शासन से बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलते ही मरीजों को मुफ्त एंजियोप्लास्टी की सुविधा मिलने लगेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मुफ्त एंजियोप्लास्टी शुरू करने की पहल को झटका लगा है। तय समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने की वजह से असाध्य रोगियों के लिए आया दो करोड़ रुपये का बजट शासन के पास वापस चला गया। अब आचार संहिता खत्म होने के बाद कॉलेज प्रशासन फिर शासन से बजट मांगेगा।
दिसंबर 2023 में शासन ने मेडिकल कॉलेज को असाध्य रोगियों के इलाज के लिए तीन करोड़ रुपये बजट दिया था। इसमें एक करोड़ रुपये से किडनी रोगियों का डायलिसिस का सामान खरीदने आदि पर खर्च कर दिया गया। जबकि, दो करोड़ से हृदय रोगियों के लिए स्टेंट खरीदे जाने थे। पहले कॉलेज प्रशासन ने शासन से लखनऊ के एक सरकारी अस्पताल के रेट कांट्रेक्ट पर स्टेंट खरीदने की अनुमति मांगी। शासन ने ई-टेंडर कराकर स्टेंट खरीदने के निर्देश दिए। टेंडर प्रक्रिया के बीच में ही आचार संहिता लग गई। इसलिए टेंडर नहीं खुल सका। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि आचार संहिता खत्म होने के बाद फिर से शासन से बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलते ही मरीजों को मुफ्त एंजियोप्लास्टी की सुविधा मिलने लगेगी।
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वन विभाग की गिरफ्त में कटान करने के आरोपी। स्त्रोत : वन विभाग
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