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पांच सौ बेड अस्पताल के चालू होने की उम्मीद बढ़ी
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पांच सौ बेड के अस्पताल का काम जल्द होगा शुरू
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दो साल से रुका पड़ा पांच सौ बेड अस्पताल का काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय ने शासन से रिवाइज बजट मांगा है। ऐसे में जल्द ही बजट जारी होने की संभावना है। बजट मिलने के चार महीने बाद अस्पताल शुरू हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में पांच सौ बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 27 सितंबर 2012 को की थी। इस पर अब तक 123 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ है। कई बार निर्माण पूरा होने की समयसीमा बढ़ाई जा चुकी है। पहले ये सामान्य अस्पताल बनना था, तब बजट 136 करोड़ रुपये था। इसके बाद शासन ने अस्पताल को पूर्ण वातानुकूलित और जीरो मेंटेनेंस के हिसाब से तैयार करने के निर्देश दे दिए, जिससे पूर्व निर्धारित बजट कम पड़ गया। काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने शासन से और बजट मांगा। यह फाइल योजना और मूल्यांकन विभाग के पास पड़ी रही। विभाग ने स्टीमेट की जांच की। इसके बाद शासन की तरफ से बजट न मिलने के चलते पिछले दो साल से निर्माण पूरी तरह रुका पड़ा है। बीते 11 सितंबर को चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने प्रमुख सचिव से 500 बेड अस्पताल का रिवाइज इस्टीमेट मांगा है। इसी के साथ अस्पताल जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
सबकुछ एक ही जगह पर
अस्पताल की दीवारें मेंटनेंस फ्री होंगी। इसके लिए दीवारों पर टाइल्स लगाए जा रहे हैं, ताकि पुताई न करानी पड़े और आसानी से सफाई हो जाए। इसके अलावा इसमें आठ अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा इसमें मॉर्डन किचन, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन गैस, ऑटोमेटिक लांड्री, वीआईपी रूम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, अलग विद्युत सब स्टेशन, आदि की भी सुविधा होगी। अस्पताल के लिए जेरनेटर भी आ गए हैं।
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अस्पताल का लगभग 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। करीब 75 करोड़ रुपये की और जरूरत है। जैसे ही बजट मिलेगा, उसके चार महीने बाद अस्पताल को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - मुकेश सिंघल, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दो साल से रुका पड़ा पांच सौ बेड अस्पताल का काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय ने शासन से रिवाइज बजट मांगा है। ऐसे में जल्द ही बजट जारी होने की संभावना है। बजट मिलने के चार महीने बाद अस्पताल शुरू हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में पांच सौ बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 27 सितंबर 2012 को की थी। इस पर अब तक 123 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ है। कई बार निर्माण पूरा होने की समयसीमा बढ़ाई जा चुकी है। पहले ये सामान्य अस्पताल बनना था, तब बजट 136 करोड़ रुपये था। इसके बाद शासन ने अस्पताल को पूर्ण वातानुकूलित और जीरो मेंटेनेंस के हिसाब से तैयार करने के निर्देश दे दिए, जिससे पूर्व निर्धारित बजट कम पड़ गया। काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने शासन से और बजट मांगा। यह फाइल योजना और मूल्यांकन विभाग के पास पड़ी रही। विभाग ने स्टीमेट की जांच की। इसके बाद शासन की तरफ से बजट न मिलने के चलते पिछले दो साल से निर्माण पूरी तरह रुका पड़ा है। बीते 11 सितंबर को चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने प्रमुख सचिव से 500 बेड अस्पताल का रिवाइज इस्टीमेट मांगा है। इसी के साथ अस्पताल जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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अस्पताल की दीवारें मेंटनेंस फ्री होंगी। इसके लिए दीवारों पर टाइल्स लगाए जा रहे हैं, ताकि पुताई न करानी पड़े और आसानी से सफाई हो जाए। इसके अलावा इसमें आठ अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा इसमें मॉर्डन किचन, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन गैस, ऑटोमेटिक लांड्री, वीआईपी रूम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, अलग विद्युत सब स्टेशन, आदि की भी सुविधा होगी। अस्पताल के लिए जेरनेटर भी आ गए हैं।
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अस्पताल का लगभग 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। करीब 75 करोड़ रुपये की और जरूरत है। जैसे ही बजट मिलेगा, उसके चार महीने बाद अस्पताल को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - मुकेश सिंघल, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम।