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सबसे ज्यादा दुखी है बुंदेलखंड का किसान : टिकैत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। भारतीय किसान यूनियन ने रविवार को नवीन गल्ला मंडी परिसर में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही कहा कि बुंदेलखंड का किसान सबसे ज्यादा दुखी है।
किसान पंचायत में टिकैत ने कहा कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और जलवायु परिवर्तन से फसलें बर्बाद हो गई हैं। मूंगफली की जड़ों में फल नहीं हैं और उड़द में दाने गायब हैं। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर डाली। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। किसानों को मुआवजा और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही टिकैत ने 35 गांवों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह जमीन हाईवे व विकास परियोजनाओं के नाम पर ली जा रही है। सर्किल रेट वर्ष 2013 के स्तर पर अटके हुए हैं। किसानों को वर्तमान बाजार दर का चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
इसके अलावा टिकैत ने बिजली संशोधन बिल वापस लेने की मांग की। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की भी बात उठाई। एमएसपी से कम कीमत पर खरीद पर रोक लगाने वाला कानून बनना चाहिए। साथ ही दिल्ली-अमेरिका समझौते को रद्द करने की भी बात कही। राकेश टिकैत ने सरकार द्वारा दिए जा रहे राहत पैकेज के दावों को खारिज करते हुए कहा कि धरातल पर किसानों को कुछ नहीं मिल रहा है। टिकैत ने स्पष्ट किया कि किसानों को जागरूक करने के लिए जिला व राज्य स्तर पर पंचायतों का दौर जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार ने कर्ज माफी की मांग की। उन्होंने बुंदेलखंड के किसानों की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन की बात कही। प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल शर्मा ने कहा कि हक तभी मिलेगा जब लड़ाई गांव-गांव पहुंचेगी। युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने युवा किसानों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा किसान अपने हक के लिए आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। वे एमएसपी और बिजली बिल जैसी मांगों पर संघर्ष जारी रखेंगे। रामनरेश सिंह परिहार ने नवीन गल्ला मंडी में महापंचायत के आयोजन को सराहा। उन्होंने किसान अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन के संकल्प को दोहराया।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अखिलेश लिटोरिया, युवा जिलाध्यक्ष जितेंद्र राजपूत, तहसील अध्यक्ष पंकज राजपूत, नगर अध्यक्ष प्रमोद दुबे, राजेंद्र सिंह बुंदेला, अविनाश भार्गव, जगदेव तिवारी, जवाहर, डॉ. लखनलाल, हरिश्चंद्र कुशवाहा, मानसिंह, अरविंद दीक्षित, दीपू यादव, प्रहलाद राजपूत, फूलसिंह पटेल, नरेश, मनीष पटेल, साधुराम आदि मौजूद रहे। संचालन जिलाध्यक्ष कमलेश लंबरदार ने किया।
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मऊरानीपुर। भारतीय किसान यूनियन ने रविवार को नवीन गल्ला मंडी परिसर में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही कहा कि बुंदेलखंड का किसान सबसे ज्यादा दुखी है।
किसान पंचायत में टिकैत ने कहा कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और जलवायु परिवर्तन से फसलें बर्बाद हो गई हैं। मूंगफली की जड़ों में फल नहीं हैं और उड़द में दाने गायब हैं। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर डाली। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। किसानों को मुआवजा और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही टिकैत ने 35 गांवों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह जमीन हाईवे व विकास परियोजनाओं के नाम पर ली जा रही है। सर्किल रेट वर्ष 2013 के स्तर पर अटके हुए हैं। किसानों को वर्तमान बाजार दर का चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
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इसके अलावा टिकैत ने बिजली संशोधन बिल वापस लेने की मांग की। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की भी बात उठाई। एमएसपी से कम कीमत पर खरीद पर रोक लगाने वाला कानून बनना चाहिए। साथ ही दिल्ली-अमेरिका समझौते को रद्द करने की भी बात कही। राकेश टिकैत ने सरकार द्वारा दिए जा रहे राहत पैकेज के दावों को खारिज करते हुए कहा कि धरातल पर किसानों को कुछ नहीं मिल रहा है। टिकैत ने स्पष्ट किया कि किसानों को जागरूक करने के लिए जिला व राज्य स्तर पर पंचायतों का दौर जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार ने कर्ज माफी की मांग की। उन्होंने बुंदेलखंड के किसानों की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन की बात कही। प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल शर्मा ने कहा कि हक तभी मिलेगा जब लड़ाई गांव-गांव पहुंचेगी। युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने युवा किसानों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा किसान अपने हक के लिए आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। वे एमएसपी और बिजली बिल जैसी मांगों पर संघर्ष जारी रखेंगे। रामनरेश सिंह परिहार ने नवीन गल्ला मंडी में महापंचायत के आयोजन को सराहा। उन्होंने किसान अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन के संकल्प को दोहराया।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अखिलेश लिटोरिया, युवा जिलाध्यक्ष जितेंद्र राजपूत, तहसील अध्यक्ष पंकज राजपूत, नगर अध्यक्ष प्रमोद दुबे, राजेंद्र सिंह बुंदेला, अविनाश भार्गव, जगदेव तिवारी, जवाहर, डॉ. लखनलाल, हरिश्चंद्र कुशवाहा, मानसिंह, अरविंद दीक्षित, दीपू यादव, प्रहलाद राजपूत, फूलसिंह पटेल, नरेश, मनीष पटेल, साधुराम आदि मौजूद रहे। संचालन जिलाध्यक्ष कमलेश लंबरदार ने किया।