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ईएसआईसी: अस्पताल खुलवाने के लिए विधायक करेंगे पैरवी
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झांसी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का अस्पताल खुलवाने के लिए भाजपा विधायक पहल करेंगे। अमर उजाला की मुहिम से जुड़कर विधायकों ने शासन स्तर पर पत्राचार का निर्णय लिया है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल्द ही वह लखनऊ जाकर भी इस मामले को उठाएंगे।
झांसी में पिछले 66 सालों से ईएसआईसी की डिस्पेंसरी खुली हुई है। जबकि, इससे यूपी, एमपी के 11 से ज्यादा जिलों के 20 हजार परिवार और एक लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। यहां पर कोई सुविधाएं नहीं होने की वजह से मरीजों को लाभ नहीं मिल पता है। जरा सी भी हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया जाता है। वहीं, डिस्पेंसरी में सिर्फ एक ही डॉक्टर हैं। उन्हें भी कई बार बैठकों में जाना पड़ जाता है, इस कारण मरीजों को घंटों डिस्पेंसरी में ही खड़ा रहना पड़ता है। अमर उजाला इस मामले को लगातार उठा रहा है। अब भाजपा के चारों विधायकों ने इस मामले में पुरजोर पैरवी करने का फैसला लिया है। विधायकों ने कहा कि वह लखनऊ जाकर भी इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाएंगे। जल्द से जल्द ईएसआईसी अस्पताल खुलने वाले का प्रयास किया जाएगा।
मानक पूरे, 2015 में प्रस्ताव भेजने का दावा
ईएसआईसी डिस्पेंसरी खुलने के लिए तीन हजार लोगों का पंजीकृत होना जरूरी होता है। जबकि, 10 हजार पंजीकरण पर अस्पताल खुल जाता है। झांसी में लोगों के पंजीकरण के मानक पूरे हैं। यहां पर 20 हजार लोग जुड़े हुए हैं। वहीं, भेल वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने भी दावा किया है कि वर्ष 2015 में आई ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा था कि झांसी में अस्पताल खोलने के लिए सरकार तैयार है। डीएम को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख है। तब से ये मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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ये बोले विधायक
ईएसआईसी डिस्पेंसरी को अस्पताल में तब्दील कराने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा। शासन को भी पत्र लिखकर ईएसआईसी अस्पताल जल्द खोलने की मांग की जाएगी। - रवि शर्मा, सदर विधायक।
डिस्पेंसरी से कई परिवार जुड़े हुए हैं। उनको बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए अस्पताल खोलने को पत्र लिखा जाएगा। लखनऊ जाकर अधिकारियों से बात भी करूंगा। - जवाहर राजपूत, गरौठा विधायक।
झांसी के कई संस्थानों के कर्मचारियों का ईएसआईसी पंजीकरण है। डिस्पेंसरी से उन्हें पूरा लाभ नहीं मिला पा रहा है। ऐसे में अस्पताल खुलवाने के लिए पत्र लिखूंगा। - राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक।
अमर उजाला की खबरों से ईएसआईसी डिस्पेंसरी की समस्याओं के बारे में पता चला है। यहां अस्पताल खुलना जरूरी है। इसके लिए शासन स्तर पर बात की जाएगी। - बिहारी लाल आर्य, मऊरानीपुर विधायक।
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झांसी में पिछले 66 सालों से ईएसआईसी की डिस्पेंसरी खुली हुई है। जबकि, इससे यूपी, एमपी के 11 से ज्यादा जिलों के 20 हजार परिवार और एक लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। यहां पर कोई सुविधाएं नहीं होने की वजह से मरीजों को लाभ नहीं मिल पता है। जरा सी भी हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया जाता है। वहीं, डिस्पेंसरी में सिर्फ एक ही डॉक्टर हैं। उन्हें भी कई बार बैठकों में जाना पड़ जाता है, इस कारण मरीजों को घंटों डिस्पेंसरी में ही खड़ा रहना पड़ता है। अमर उजाला इस मामले को लगातार उठा रहा है। अब भाजपा के चारों विधायकों ने इस मामले में पुरजोर पैरवी करने का फैसला लिया है। विधायकों ने कहा कि वह लखनऊ जाकर भी इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाएंगे। जल्द से जल्द ईएसआईसी अस्पताल खुलने वाले का प्रयास किया जाएगा।
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मानक पूरे, 2015 में प्रस्ताव भेजने का दावा
ईएसआईसी डिस्पेंसरी खुलने के लिए तीन हजार लोगों का पंजीकृत होना जरूरी होता है। जबकि, 10 हजार पंजीकरण पर अस्पताल खुल जाता है। झांसी में लोगों के पंजीकरण के मानक पूरे हैं। यहां पर 20 हजार लोग जुड़े हुए हैं। वहीं, भेल वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने भी दावा किया है कि वर्ष 2015 में आई ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा था कि झांसी में अस्पताल खोलने के लिए सरकार तैयार है। डीएम को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख है। तब से ये मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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ये बोले विधायक
ईएसआईसी डिस्पेंसरी को अस्पताल में तब्दील कराने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा। शासन को भी पत्र लिखकर ईएसआईसी अस्पताल जल्द खोलने की मांग की जाएगी। - रवि शर्मा, सदर विधायक।
डिस्पेंसरी से कई परिवार जुड़े हुए हैं। उनको बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए अस्पताल खोलने को पत्र लिखा जाएगा। लखनऊ जाकर अधिकारियों से बात भी करूंगा। - जवाहर राजपूत, गरौठा विधायक।
झांसी के कई संस्थानों के कर्मचारियों का ईएसआईसी पंजीकरण है। डिस्पेंसरी से उन्हें पूरा लाभ नहीं मिला पा रहा है। ऐसे में अस्पताल खुलवाने के लिए पत्र लिखूंगा। - राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक।
अमर उजाला की खबरों से ईएसआईसी डिस्पेंसरी की समस्याओं के बारे में पता चला है। यहां अस्पताल खुलना जरूरी है। इसके लिए शासन स्तर पर बात की जाएगी। - बिहारी लाल आर्य, मऊरानीपुर विधायक।