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दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद डॉक्टर संक्रमित, एलटी दूसरी बार चपेट में
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वैक्सीन लगवाने के बाद डॉक्टर फिर से संक्रमित हो गया है।
- फोटो : ???? ????
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दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद डॉक्टर संक्रमित, एलटी दूसरी बार चपेट में
झांसी। बहरूपिये कोरोना वायरस के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कोरोना की दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। वहीं, महिला लैब टेक्नीशियन पांच महीने में दूसरी बार पॉजिटिव हो गई है।
जिला अस्पताल में कोरोना योद्धाओं का वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों ने टीका लगवाना शुरू कर दिया था। शुरुआती दौर में जनवरी में ही जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ ने भी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। बताया गया कि फरवरी में चिकित्सक को दूसरा टीका भी लग गया। अब वह वायरस की चपेट में आ गए हैं। इस केस ने सभी को चिंतित और आश्चर्यचकित कर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद निर्धारित समयसीमा के बाद एंटीबॉडी बन जाती है।
अधिकतर लोग वैक्सीन लगवाने के बाद सुरक्षित हैं। किन्हीं कारणों से वैक्सीन लगने के बाद यदि संक्रमण हो भी जाता है तो गंभीर नहीं होगा। वहीं, जिला अस्पताल की लैब टेक्नीशियन दूसरी बार कोरोना की चपेट में आ गई हैं। बताया गया कि पांच महीने पहले भी महिला कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गई थीं। हाल ही में बुखार और जुकाम की शिकायत पर कर्मचारी की कोरोना की जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। एलटी को कोरोना वैक्सीन की एक ही डोज लग पाई है। दूसरी डोज लगनी थी मगर इससे पहले ही वह कोरोना की चपेट में आ गई।
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दोबारा संक्रमण का दूसरा केस
झांसी में जिला अस्पताल की लैब टेक्नीशियन के कोरोना वायरस का दोबारा शिकार हो जाने का दूसरा मामला सामने आया है। बताया गया कि इससे पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात डीएलओ (डिस्ट्रिक लेवल ऑफिसर) भी दूसरी बार वायरस का शिकार हो चुके हैं।
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झांसी। बहरूपिये कोरोना वायरस के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कोरोना की दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। वहीं, महिला लैब टेक्नीशियन पांच महीने में दूसरी बार पॉजिटिव हो गई है।
जिला अस्पताल में कोरोना योद्धाओं का वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों ने टीका लगवाना शुरू कर दिया था। शुरुआती दौर में जनवरी में ही जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ ने भी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। बताया गया कि फरवरी में चिकित्सक को दूसरा टीका भी लग गया। अब वह वायरस की चपेट में आ गए हैं। इस केस ने सभी को चिंतित और आश्चर्यचकित कर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद निर्धारित समयसीमा के बाद एंटीबॉडी बन जाती है।
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अधिकतर लोग वैक्सीन लगवाने के बाद सुरक्षित हैं। किन्हीं कारणों से वैक्सीन लगने के बाद यदि संक्रमण हो भी जाता है तो गंभीर नहीं होगा। वहीं, जिला अस्पताल की लैब टेक्नीशियन दूसरी बार कोरोना की चपेट में आ गई हैं। बताया गया कि पांच महीने पहले भी महिला कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गई थीं। हाल ही में बुखार और जुकाम की शिकायत पर कर्मचारी की कोरोना की जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। एलटी को कोरोना वैक्सीन की एक ही डोज लग पाई है। दूसरी डोज लगनी थी मगर इससे पहले ही वह कोरोना की चपेट में आ गई।
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दोबारा संक्रमण का दूसरा केस
झांसी में जिला अस्पताल की लैब टेक्नीशियन के कोरोना वायरस का दोबारा शिकार हो जाने का दूसरा मामला सामने आया है। बताया गया कि इससे पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात डीएलओ (डिस्ट्रिक लेवल ऑफिसर) भी दूसरी बार वायरस का शिकार हो चुके हैं।