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अनदेखी न करें, ‘हम’ भी हैं चुनाव मैदान में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:09 AM IST
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अनदेखी न करें, ‘हम’ भी हैं चुनाव मैदान में
- फोटो : demo
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चुनाव प्रचार चरम पर है। हर प्रत्याशी दावा कर रहा है कि उसकी जीत सुनिश्चित है। राजनीतिक दलों के प्रत्याशी के अलावा निर्दलीय भी दावा ठोंक रहे हैं कि जनमत उनके साथ है। ऐसे में जनमत की लड़ाई दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है।
कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अलावा राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, स्वतंत्र जनता राज पार्टी, जन अधिकार मंच, हिंदूजन कांग्रेस, परिवर्तन समाज पार्टी, लोकदल, बुंदेलखंड क्रांति दल, शिवसेना, भारतीय प्रजा शक्ति पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। हर उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहा हो। यदि मतदाता उनसे पूछता भी है कि नेताजी आपकी जीत का गणित क्या है, तो वह बताते हैं कि फलां समाज के लोग उनके साथ हैं। फलां संगठन ने उन्हें समर्थन कर दिया है। जनता में फलां पार्टी के प्रति भारी नाराजी है, इसलिए वह चुनाव मैदान में उतरे हैं, जनता का समर्थन उनके साथ है। इतना ही नहीं, उनके चुनावी गणित में जात- पांत के वोटों का सबसे अधिक महत्व होता है। वह दावे से कहते हैं कि उन्हें उनकी समाज ने कहा था इसलिए चुनाव मैदान में उतरे हैं, ऐसे में उनकी जीत सुनिश्चित है।
दावे अपने- अपने
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह का दावा है कि ट्रेड यूनियन का उन्हें समर्थन है। रेलवे संगठन, कर्मचारी संगठन व मजदूर संगठन उनके साथ है। वह गरीबों और आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि जीते तो आम जनता को वाजिब हक दिलाया जाएगा।
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- स्वतंत्र जनता राज पार्टी से अरविंद कुमार वर्मा हिंदुत्व को लेकर चुनाव मैदान में हैं। उनका दावा है कि लहर उनके साथ है।
- राष्ट्रीय लोकदल से उमेश यादव भी पूरे दमखम से चुनाव मैदान में हैं। कभी बहुजन समाज पार्टी का झंडा बुलंद करने वाले उमेश यादव अबकी बार राष्ट्रीय लोकदल से किस्मत आजमा रहे हैं। उनका दावा है कि जीत उन्हीं की होगी, क्योंकि वह अलग बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं।
- जन अधिकार मंच से अरुण कुमार साहू भी जीत का दावा कर रहे हैं। दावा तो उनका यहां तक है कि साहू समाज यदि एकजुट हो गया तो चुनाव की तस्वीर बदल जाएगी।
- हिंदूजन कांग्रेस से कृष्ण गोपाल द्विवेदी हिंदुत्व के नाम पर वोट मांग रहे हैं।
- परिवर्तन समाज पार्टी के राकेश सेन ने होर्डिंग से धुआंधार प्रचार कर लोगों को चौंका दिया है। उनका दावा है कि समाज का पूरा वोट उन्हें ही मिल रहा है।
- लोकदल से रामनाथ साहू भी अपनी जीत का गणित साहू समाज और शिक्षित वर्ग के वोट को बता रहे हैं।
- शिवसेना से शंकर लाल कुशवाहा सजातीय व हिंदुत्व के नाम पर चुनाव मैदान में जीत का दावा कर रहे हैं।
- बुंदेलखंड क्रांति दल से सत्येंद्र पाल सिंह का दावा है कि अलग बुंदेलखंड राज्य बनेगा, तभी क्षेत्र का विकास होगा।
- निर्दलीय नीता तिवारी महिलाओं की आवाज बुलंद कर रही हैं। उनका दावा है कि जीतने पर नगरा हाट के मैदान का सुंदरीकरण कराएंगे।
- सुनील प्रजापति भी सजातीय वोटों का दावा कर रहे हैं
- मु. इमरान खान भी अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क कर जीत का दावा कर रहे हैं।
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कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अलावा राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, स्वतंत्र जनता राज पार्टी, जन अधिकार मंच, हिंदूजन कांग्रेस, परिवर्तन समाज पार्टी, लोकदल, बुंदेलखंड क्रांति दल, शिवसेना, भारतीय प्रजा शक्ति पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। हर उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहा हो। यदि मतदाता उनसे पूछता भी है कि नेताजी आपकी जीत का गणित क्या है, तो वह बताते हैं कि फलां समाज के लोग उनके साथ हैं। फलां संगठन ने उन्हें समर्थन कर दिया है। जनता में फलां पार्टी के प्रति भारी नाराजी है, इसलिए वह चुनाव मैदान में उतरे हैं, जनता का समर्थन उनके साथ है। इतना ही नहीं, उनके चुनावी गणित में जात- पांत के वोटों का सबसे अधिक महत्व होता है। वह दावे से कहते हैं कि उन्हें उनकी समाज ने कहा था इसलिए चुनाव मैदान में उतरे हैं, ऐसे में उनकी जीत सुनिश्चित है।
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दावे अपने- अपने
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह का दावा है कि ट्रेड यूनियन का उन्हें समर्थन है। रेलवे संगठन, कर्मचारी संगठन व मजदूर संगठन उनके साथ है। वह गरीबों और आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि जीते तो आम जनता को वाजिब हक दिलाया जाएगा।
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- स्वतंत्र जनता राज पार्टी से अरविंद कुमार वर्मा हिंदुत्व को लेकर चुनाव मैदान में हैं। उनका दावा है कि लहर उनके साथ है।
- राष्ट्रीय लोकदल से उमेश यादव भी पूरे दमखम से चुनाव मैदान में हैं। कभी बहुजन समाज पार्टी का झंडा बुलंद करने वाले उमेश यादव अबकी बार राष्ट्रीय लोकदल से किस्मत आजमा रहे हैं। उनका दावा है कि जीत उन्हीं की होगी, क्योंकि वह अलग बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं।
- जन अधिकार मंच से अरुण कुमार साहू भी जीत का दावा कर रहे हैं। दावा तो उनका यहां तक है कि साहू समाज यदि एकजुट हो गया तो चुनाव की तस्वीर बदल जाएगी।
- हिंदूजन कांग्रेस से कृष्ण गोपाल द्विवेदी हिंदुत्व के नाम पर वोट मांग रहे हैं।
- परिवर्तन समाज पार्टी के राकेश सेन ने होर्डिंग से धुआंधार प्रचार कर लोगों को चौंका दिया है। उनका दावा है कि समाज का पूरा वोट उन्हें ही मिल रहा है।
- लोकदल से रामनाथ साहू भी अपनी जीत का गणित साहू समाज और शिक्षित वर्ग के वोट को बता रहे हैं।
- शिवसेना से शंकर लाल कुशवाहा सजातीय व हिंदुत्व के नाम पर चुनाव मैदान में जीत का दावा कर रहे हैं।
- बुंदेलखंड क्रांति दल से सत्येंद्र पाल सिंह का दावा है कि अलग बुंदेलखंड राज्य बनेगा, तभी क्षेत्र का विकास होगा।
- निर्दलीय नीता तिवारी महिलाओं की आवाज बुलंद कर रही हैं। उनका दावा है कि जीतने पर नगरा हाट के मैदान का सुंदरीकरण कराएंगे।
- सुनील प्रजापति भी सजातीय वोटों का दावा कर रहे हैं
- मु. इमरान खान भी अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क कर जीत का दावा कर रहे हैं।