फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Monsoon quenches Bundelkhand's thirst, 39 dams brim

Jhansi News: मानसून ने बुंदेलखंड की प्यास बुझाई, 39 बांध लबालब

Wed, 02 Sep 2026 01:37 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
Monsoon quenches Bundelkhand's thirst, 39 dams brim
झांसी। अल-नीनो की आशंका के बीच बुंदेलखंड के लिए मानसून बड़ी राहत लेकर आया है। मानसूनी सीजन की विदाई से पहले ही झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, महोबा और छतरपुर के 42 प्रमुख बांधों में से 39 अपनी क्षमता के मुताबिक भर चुके हैं। सभी जलाशयों में कुल 3920.41 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी जमा है, जो कुल क्षमता 4604.90 एमसीएम का 85.14 फीसदी है। जलाशयों में पानी की यह उपलब्धता अगले गर्मी के मौसम में पेयजल के साथ रबी की सिंचाई के लिए भी बड़ी राहत मानी जा रही है।
विज्ञापन

इस बार अल-नीनो के प्रभाव से कम बारिश की आशंका जताई गई थी। जुलाई के आखिर तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से प्रमुख बांधों की स्थिति भी चिंताजनक थी। उस समय राजघाट 52, माताटीला 26, पारीछा 40, सुकुवां-ढुकुवां 41, पहूज 21 और सपरार 39 फीसदी ही भरे थे। अगस्त के आखिरी दिनों में हुई अच्छी बारिश ने जलाशयों की तस्वीर बदल दी। सिंचाई विभाग के एक सितंबर के आंकड़ों के अनुसार अब कई जलाशय शत-प्रतिशत भर चुके हैं।
विज्ञापन


छह प्रमुख बांध हुए शत-प्रतिशत
सुकुवां-ढुकुवां, पारीछा, गंगऊ और बरियापुर समेत कई जलाशय अपनी क्षमता तक पहुंच गए हैं। सुकुवां-ढुकुवां में 29.308 एमसीएम, पारीछा में 60.796 एमसीएम, बड़वार झील में 33.780 एमसीएम, लहचूरा में 15.900 एमसीएम, गंगऊ में 28.640 एमसीएम और बरियापुर में 5.263 एमसीएम पानी दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेतवा बेसिन के प्रमुख जलाशयों में राजघाट 2200 एमसीएम की क्षमता के मुकाबले 2052.50 एमसीएम यानी 93.30 फीसदी भर चुका है। माताटीला में 641.06 एमसीएम क्षमता के मुकाबले 521.08 एमसीएम यानी 81.28 फीसदी पानी है। जामनी 80.79 और शहजाद 85.12 फीसदी भर चुके हैं।

5.90 लाख हेक्टेयर में सिंचाई का आधार
जलाशयों में जमा पानी रबी सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा, जालौन, दतिया समेत बुंदेलखंड के कई क्षेत्रों में सिंचाई होती है। जलाशयों से करीब 5.90 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई का आधार तैयार होता है।
झांसी-ललितपुर में विभिन्न नहर प्रणालियों से करीब 80 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। राजघाट के यूपी हिस्से से लोअर राजघाट नहर से करीब 39 हजार, अपर राजघाट नहर से 7050 और जाखलौन पंप कैनाल से करीब 17 हजार हेक्टेयर भूमि को पानी मिलता है। इन तीनों प्रणालियों से ही करीब 63 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई होती है।
माताटीला से उत्तर प्रदेश में करीब 1.09 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.16 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है।

झांसी की प्यास के लिए भी राहत
माताटीला बांध झांसी महानगर के पेयजल का प्रमुख स्रोत है। इससे महानगर को करीब 110 एमएलडी पानी मिलता है। सालाना करीब दो टीएमसी पानी पेयजल के लिए खर्च होता है। पहूज बांध से भी शहर को पेयजल मिलता है। दोनों जलाशयों में पर्याप्त पानी होने से आने वाली गर्मियों में पेयजल संकट की आशंका कम हुई है।


प्रमुख बांधों की स्थिति
बांध
पूर्ण जलस्तर
वर्तमान जलस्तर
भंडारण
राजघाट
371.00 मीटर
370.35 मीटर
93.30%
माताटीला 308.46 मीटर
307.33 मीटर
81.28%
सुकुवां-ढुकुवां
271.27 मीटर
271.27 मीटर
100%
पारीछा 192.94 मीटर
192.94 मीटर
100%
पहूज 234.09 मीटर
233.51 मीटर
80.43%
डोंगरी
272.20 मीटर
270.95 मीटर
69.42%
खपरार
273.00 मीटर
271.85 मीटर
70.85%
पहाड़ी
195.93 मीटर
195.40 मीटर
82.75%
कुरार
209.70 मीटर
209.10 मीटर
79.01%
पथरई
203.80 मीटर
203.30 मीटर
81.11%
गंगऊ 223.42 मीटर
223.42 मीटर
100%
बरियापुर 185.01 मीटर
185.01 मीटर
100%
मौदहा
147.80 मीटर
147.30 मीटर
91.25%
नोट: सभी जलस्तर एक सितंबर 2026 के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित हैं।

क्या है अल-नीनो
अल-नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने की प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसका असर हवाओं और बारिश के वैश्विक पैटर्न पर पड़ता है। भारत में अल-नीनो के दौरान मानसून कमजोर रहने और सामान्य से कम बारिश की आशंका बढ़ जाती है, हालांकि हर अल-नीनो वर्ष में ऐसा होना जरूरी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed