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जिला अस्पताल में होगी मूक बधिरता की जांच
ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:15 AM IST
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झांसी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय मूक बधिरता बचाव व रोकथाम कार्यक्रम अब झांसी समेत 12 अन्य जनपदों से शुरू होगा। इसके तहत जिला चिकित्सालय में मूक बधिरता की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों का प्रशिक्षण होगा।
प्रदेश के आठ जनपदों बाराबंकी, गोरखपुर, बांदा, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद तथा सहारनपुर में संचालित है। वर्ष 2015-16 में इस कार्यक्रम को 12 अन्य जनपदों में शुरू करने की योजना हैै, इसमें झांसी के अलावा इलाहाबाद, अलीगढ़, बहराइच, शाहजहांपुर, फैजाबाद, बरेली, कानपुर नगर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती और मेरठ शामिल हैं।
इसके लिए धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। इस राशि से जिला चिकित्सालय में मूक बधिरता की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों के प्रशिक्षण आदि के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के जरिए संविदा पर स्टाफ कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इसमें एक ऑडियोलॉजिस्ट, एक ऑडियोमैट्रिक एसिस्टेंट और एक इंस्ट्रक्टर फार दी यंग हियरिंग इंपेयर्ड शामिल है।
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जिला अस्पताल में बधिरता की जांच के लिए एक साउंड प्रूफ कक्ष का निर्माण किया जाना है। जिला चिकित्सालय कैपेसिटी बिल्डिंग के अंतर्गत इयर सर्जरी इंस्ट्रूमेंट, ड्रिल सेट, डिजिटल ऑडियोमीटर की खरीद भी की जाएगी।
इस योजना के संचालन हेतु ईएनटी सर्जन का केजीएमयू लखनऊ/राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के बाद जनपद के बाल रोग एवं महिला रोग विशेषज्ञ आदि का जनपद स्तर पर प्रशिक्षण चलेगा।
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प्रदेश के आठ जनपदों बाराबंकी, गोरखपुर, बांदा, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद तथा सहारनपुर में संचालित है। वर्ष 2015-16 में इस कार्यक्रम को 12 अन्य जनपदों में शुरू करने की योजना हैै, इसमें झांसी के अलावा इलाहाबाद, अलीगढ़, बहराइच, शाहजहांपुर, फैजाबाद, बरेली, कानपुर नगर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती और मेरठ शामिल हैं।
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इसके लिए धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। इस राशि से जिला चिकित्सालय में मूक बधिरता की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों के प्रशिक्षण आदि के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के जरिए संविदा पर स्टाफ कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इसमें एक ऑडियोलॉजिस्ट, एक ऑडियोमैट्रिक एसिस्टेंट और एक इंस्ट्रक्टर फार दी यंग हियरिंग इंपेयर्ड शामिल है।
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जिला अस्पताल में बधिरता की जांच के लिए एक साउंड प्रूफ कक्ष का निर्माण किया जाना है। जिला चिकित्सालय कैपेसिटी बिल्डिंग के अंतर्गत इयर सर्जरी इंस्ट्रूमेंट, ड्रिल सेट, डिजिटल ऑडियोमीटर की खरीद भी की जाएगी।
इस योजना के संचालन हेतु ईएनटी सर्जन का केजीएमयू लखनऊ/राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के बाद जनपद के बाल रोग एवं महिला रोग विशेषज्ञ आदि का जनपद स्तर पर प्रशिक्षण चलेगा।