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डेड लाइन खत्म, जमे रह गए दस साल से एक सीट पर जमे बाबू

Sun, 17 Jul 2022 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 01:00 AM IST
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Dead line over, babu stuck in one seat for ten years
झांसी। नगर विकास महकमे ने पिछले तीन साल से एक पटल पर तैनात लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों को हटाकर दूसरे पटल पर भेजने का निर्देश दिया था। शासन ने तीस जून की डेडलाइन भी तय कर दी। शासन ने यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा लेकिन, निगम अफसरों ने इसकी भी कोई परवाह नहीं की। पिछले दस साल से एक सीट पर जमे बाबू अपनी पुरानी सीट पर ही काबिज हैं।
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नगर निगम में 25 लिपिक समेत अकेंद्रीयत सेवा के कर्मचारी तैनात हैं। यह सभी लिपिक पिछले कई वर्षों से निर्माण, टैक्स, लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सफाई, अधिष्ठान समेत जनता से सीधे जुड़े अन्य कार्य संभाल रहे हैं। इनमें से कई लिपिक पिछले करीब दस साल से एक ही सीट पर जमे हैं। एक सीट पर कई वर्ष हो जाने से इन बाबुओं की शिकायतें बड़ी तादात में मिलती हैं। बाबुओं के बीच कई पत्रावलियों को लेकर भी तनातनी रहती है। इन सबके बीच शासन ने पिछले माह शासनादेश जारी करते हुए तीन साल से एक सीट पर जमे लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों का तत्काल पटल परिवर्तन कराने का निर्देश जारी कर दिया। यह पटल परिवर्तन 30 जून तक करना था। शासनादेश जारी होने से लिपिकीय संवर्ग के बीच हड़कंप मच गया लेकिन, शासनादेश के यहां पहुंचने के बाद उसे फाइलों के बीच ही दबा दिया गया और अभी तक सभी बाबू अपनी पुरानी जगहों पर ही बरकरार हैं। निगम प्रशासन के इस रवैये से कई पार्षद भी नाराज हैं। इनमें भाजपा पार्षद भी शामिल हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की नगर विकास मंत्री से भी शिकायत की है।
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