झांसी: ट्रैक की निगरानी के लिए मऊरानीपुर गए थे सेक्शन इंजीनियर, रेलवे लाइन पर पड़ा मिला शव
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पोस्टमार्टम हाउस पर रेलकर्मी व रिश्तेदारों ने सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या के आरोप लगाए हैं। देर शाम परिजनों की तरफ से पुलिस को तहरीर नहीं मिल सकी। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के खातीबाबा मोहल्ला निवासी अशोक कुमार द्विवेदी (58) रेलवे के एसी लोको शेड में सेक्शन इंजीनियर थे। रविवार की रात वह ट्रेन में सवार होकर रेलवे ट्रैक की निगरानी करने के लिए मऊरानीपुर निकले थे।
सोमवार सुबह उनका शव झांसी-मानिकपुर रेलमार्ग स्थित डीजल लोको शेड के सामने खंभा नंबर 1129/07 के पास मिला। रेलकर्मियों से सूचना पाकर प्रेमनगर प्रभारी निरीक्षक रणविजय सिंह मौके पर पहुंचे। शिनाख्त कर पुलिस ने उनकी पत्नी सुनीता द्विवेदी को जानकारी दी।
खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने इंजीनियर की जेब से मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रेलकर्मियों और रिश्तेदारों का आरोप है कि सूदखोरों की धमकी से तंग आकर उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। सीओ सदर हिमांशु गौरव ने बताया कि अब तक परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ड्यूटी की जांच करेगी रेलवे
हादसे के बाद रेलवे भी अपने स्तर से जांच करेगी। रेलवे पता लगाएगी कि ड्यूटी के समय किसके साथ गए थे और किसके साथ वापस लौटे थे। इस जांच से पुलिस को काफी फायदा मिलेगा। मौत का प्रकरण भी सामने आ सकेगा। पुलिस इस मामले में रेलकर्मियों से भी जानकारी लेगी।
अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर धमकाया, खूब की गाली गलौज
हादसे के बाद इंजीनियर का मोबाइल रिश्तेदारों के पास था। सुबह करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति फोन कर गाली गलौज करने लगा। रिश्तेदार उस वक्त पुलिस के साथ थे। पुलिस के बात करते ही फोन कट गया। गाली गलौज सुनकर अलर्ट हुई पुलिस उस नंबर की जांच करने में जुट गई। नंबर प्रेमनगर क्षेत्र का बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर रिकॉडिंग भी वायरल हो रही है
हादसे के बाद दोपहर से सोशल मीडिया पर दो रिकॉर्डिंग वायरल हो रही हैं। इसमें एक व्यक्ति इंजीनियर अशोक कुमार के मोबाइल पर फोन कर धमकाकर गाली गलौज कर रहा है। रिश्तेदारों के मुताबिक यह कॉल सूदखोरों की बताई गई है जो अशोक के मरने के बाद भी उनको धमकाने का काम कर रहे थे।
पुलिस के बात करते ही फोन कट गया। मोबाइल नंबर प्रेमनगर क्षेत्र का ही बताया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मोबाइल नंबर को खंगालना शुरू कर दिया है। कॉल डिटेल भी पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। रिश्तेदारों का कहना है कि सूदखोर ही फोन करके धमका रहे थे। उनका आरोप है कि सूदखोरों की धमकी से ही तंग आकर इंजीनियर ने आत्महत्या की है।
दोनों बेटे हैं इंजीनियर
इंजीनियर पत्नी सुनीता के साथ अकेले रहते थे। उनके दो बेटे हैं। बड़ा पुत्र आशीष पुणे और छोटा पुत्र आकाश भोपाल में इंजीनियर है। खबर मिलते ही दोनों बेटे झांसी के लिए रवाना हो गए थे। बेटों के देरी से आने के चलते परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी जा सकी।