{"_id":"5f7372c58ebc3e9b81348c06","slug":"datia-tool-tax-open-travelling-will-be-eazy-jhansi-news-jhs177458346","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी से दतिया का सफर हुआ महंगा, जानें जेब पर बढ़ा कितना बोझ?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी से दतिया का सफर हुआ महंगा, जानें जेब पर बढ़ा कितना बोझ?
Thu, 01 Oct 2020 10:19 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 10:19 AM IST
विज्ञापन
दतिया में बनकर तैयार हुआ टोल प्लाजा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। झांसी से दतिया का सफर बुधवार से महंगा हो गया। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का टोल प्लाजा सुबह आठ बजे से सक्रिय हो गया और टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई। झांसी से दतिया के लिए दिन भर वाहनों का आवागमन जारी रहता है। खासतौर पर शनिवार और रविवार को पीतांबरा पीठ मां के दर्शनों के लिए हजारों भक्त चौपहिया वाहनों से पहुंचते हैं। लेकिन, बुधवार से ये सफर महंगा हो गया। एनएचएआई ने दतिया के पहले डगरई में टोल प्लाजा तैयार किया, जिस पर बुधवार की सुबह आठ बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई।
विदित हो कि एनएचएआई ने झांसी से ग्वालियर तक फोरलेन का निर्माण वर्ष 2007 में शुरू किया गया था। 2009 में काम पूरा होना था लेकिन, शुरुआती तेजी के बाद काम धीमा पड़ गया। दो साल की जगह पांच साल निकल गए, लेकिन सड़क तैयार नहीं हो पाई। इसे लेकर एनएचएआई और कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला न्यायालय में पहुंच गया। नतीजतन, छह साल तक निर्माण बंद पड़ा रहा। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और घुमावदार रास्ते होने की वजह से लोगों का वक्त तो जाया होता ही था, साथ ही दुर्घटना का भी खतरा बना रहता था। 2018 में एक बार फिर काम शुरू हुआ, जो अब जाकर पूरा हो गया है। इसके साथ ही टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विदित हो कि एनएचएआई ने झांसी से ग्वालियर तक फोरलेन का निर्माण वर्ष 2007 में शुरू किया गया था। 2009 में काम पूरा होना था लेकिन, शुरुआती तेजी के बाद काम धीमा पड़ गया। दो साल की जगह पांच साल निकल गए, लेकिन सड़क तैयार नहीं हो पाई। इसे लेकर एनएचएआई और कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला न्यायालय में पहुंच गया। नतीजतन, छह साल तक निर्माण बंद पड़ा रहा। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और घुमावदार रास्ते होने की वजह से लोगों का वक्त तो जाया होता ही था, साथ ही दुर्घटना का भी खतरा बना रहता था। 2018 में एक बार फिर काम शुरू हुआ, जो अब जाकर पूरा हो गया है। इसके साथ ही टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन