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संकट: 1500 विद्यार्थियों की नहीं आएगी छात्रवृत्ति
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झांसी। जिले में 1500 से ज्यादा विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नहीं आएगी। कमियां मिलने पर विभाग ने इनके आवेदन निरस्त कर दिए हैं। वहीं 5252 बच्चों की छात्रवृत्ति पर अब भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अगर समय रहते इन्होंने बैंक में आधार लिंक और डीबीटी के तहत होने वाली प्रक्रिया को पूर्ण नहीं करवाया तो उनकी भी छात्रवृत्ति रुक सकती है। हालांकि इसके लिए विभाग ने विद्यार्थियों को अलर्ट भेजा है।
विभागीय आंकड़ाें के अनुसार जनपद के 300 से अधिक कॉलेजों के 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। जिसमें से तकरीबन 15 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रथम व द्वितीय फेज पर आ गई है। वहीं, सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी जाति के स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी शिक्षण संस्थान आदि के 35 हजार विद्यार्थियों के खातों में पैसा पहुंचना है। खातों में छात्रवृत्ति न आने की वजह से विद्यार्थी विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
इधर समाज कल्याण विभाग में 2500, अल्पसंख्यक में 579 एवं ओबीसी में 3673 विद्यार्थियों का संदिग्ध डाटा लखनऊ से आया था। जिसको विभागों ने पूरा कर लिया है। जो सही थे उनक ा सत्यापन कर दिया गया है। इसके साथ ही 1500 से ज्यादा विद्यार्थियों के खातों में आधार लिंक और डीबीटी प्रक्रिया न होने की वजह से छात्रवृत्ति रूक गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी बिपिन यादव ने बताया कि जिन विद्यार्थियों के बैंक में आधार लिंक या डीबीटी प्रक्रिया के तहत सत्यापन नहीं है, उनकी छात्रवृत्ति नहीं आएगी। इसलिए बैंक, विभाग या ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आवेदन की त्रुटियां पूरी करें।
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ये रहे कारण
- आधार क ार्ड का बैंक से लिंक न होना
- जीरो बेलेंस के खाते में अधिकतम लेन-देन की सीमा 50 हजार होना
- खाते में नाम और फार्म में अलग-अलग नाम होना
- पीएफएमएस सर्वर द्वारा पैसा भेजने के बाद बैंक तक न पहुंचना
- बैंक के मर्ज होने के बाद आईएफएससी कोड बदलना
अब ये करें
अगर आपका सत्यापन निरस्त हो गया हो तो छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर जाकर स्टेटस चेक करें और अपने बैंक खाते में आधार कार्ड लिंक नहीं और डीबीटी सुविधा भी चालू नहीं है तो आपको बैंक में जाना होगा। अपना आधार लिंक और डीबीटी द्वारा पैसे जाने की प्रक्रिया चालू करवानी होगी। तब जाकर आपके खाते में पैसा आएगा।
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विभागीय आंकड़ाें के अनुसार जनपद के 300 से अधिक कॉलेजों के 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। जिसमें से तकरीबन 15 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रथम व द्वितीय फेज पर आ गई है। वहीं, सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी जाति के स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी शिक्षण संस्थान आदि के 35 हजार विद्यार्थियों के खातों में पैसा पहुंचना है। खातों में छात्रवृत्ति न आने की वजह से विद्यार्थी विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
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इधर समाज कल्याण विभाग में 2500, अल्पसंख्यक में 579 एवं ओबीसी में 3673 विद्यार्थियों का संदिग्ध डाटा लखनऊ से आया था। जिसको विभागों ने पूरा कर लिया है। जो सही थे उनक ा सत्यापन कर दिया गया है। इसके साथ ही 1500 से ज्यादा विद्यार्थियों के खातों में आधार लिंक और डीबीटी प्रक्रिया न होने की वजह से छात्रवृत्ति रूक गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी बिपिन यादव ने बताया कि जिन विद्यार्थियों के बैंक में आधार लिंक या डीबीटी प्रक्रिया के तहत सत्यापन नहीं है, उनकी छात्रवृत्ति नहीं आएगी। इसलिए बैंक, विभाग या ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आवेदन की त्रुटियां पूरी करें।
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ये रहे कारण
- आधार क ार्ड का बैंक से लिंक न होना
- जीरो बेलेंस के खाते में अधिकतम लेन-देन की सीमा 50 हजार होना
- खाते में नाम और फार्म में अलग-अलग नाम होना
- पीएफएमएस सर्वर द्वारा पैसा भेजने के बाद बैंक तक न पहुंचना
- बैंक के मर्ज होने के बाद आईएफएससी कोड बदलना
अब ये करें
अगर आपका सत्यापन निरस्त हो गया हो तो छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर जाकर स्टेटस चेक करें और अपने बैंक खाते में आधार कार्ड लिंक नहीं और डीबीटी सुविधा भी चालू नहीं है तो आपको बैंक में जाना होगा। अपना आधार लिंक और डीबीटी द्वारा पैसे जाने की प्रक्रिया चालू करवानी होगी। तब जाकर आपके खाते में पैसा आएगा।