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सपा पार्षद ने दरोगा को पीटकर वर्दी फाड़ी
झांसी / ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:46 PM IST
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चेकिंग के लिए समाजवादी पार्टी के पार्षद की गाड़ी रोकना कोतवाली क्षेत्र के दरोगा को महंगा पड़ा गया। असलहों से लैस सपा पार्षद व उसके साथियों ने कोतवाली क्षेत्र स्थित जैन चौराहा पर दरोगा की पिटाई की। वर्दी को फाड़कर उप्र पुलिस का बैच व कंधे पर लगे स्टार नोंचकर फेंक दिए। सीने पर राइफल अड़ा कर हत्या की धमकी दी। सूचना पर जब तक पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचता तब तक पार्षद अपने साथियों के साथ भाग निकला। घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज करवा दी गई है।
कोतवाली अंतर्गत मिनर्वा पुलिस चौकी में तैनात दरोगा वीरेंद्र सिंह शनिवार को रात करीब साढ़े बारह बजे नई बस्ती स्थित जैन चौराहा पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी सपा के झंडा और नंबर प्लेट की जगह पार्षद लिखी सफारी गाड़ी जैन चौराहा के पास से गुजरी। संदेह होने पर दरोगा ने साथी सिपाही सत्यवीर सिंह व बृजेंद्र सिंह तोमर की मदद से सफारी को रुकवाया। पुलिस के अनुसार गाड़ी के रुकते ही सपा पार्षद वीरू कुशवाहा पुत्र रामकिशुन निवासी नई बस्ती अपने तीन साथियों के साथ राइफल व अन्य असलाह लेकर उतरे। गाड़ी से उतरते ही वीरू कुशवाहा ने दरोगा को गालियां देनी शुरू कर दीं। जब दरोगा ने विरोध किया तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दरोगा से मारपीट शुरू कर दी। वर्दी फाड़ते हुए बिल्ले व स्टार नोंचकर फेंक दिए।
हमलावरों से जूझते हुए दरोगा ने बिना चेकिंग गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने की बात कही तो पार्षद ने उनके सीने पर राइफल लगा दी। धमकी दी कि यदि एक भी कदम गाड़ी की तरफ बढ़ाया तो गोली मार दी जाएगी। इस बीच सिपाहियों ने वायरलेस से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती तब तक आरोपी पार्षद अपने साथियों के साथ भाग गया। पीड़ित दरोगा ने इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली में पार्षद वीरू कुशवाहा व उसके साथियों के खिलाफ दर्ज कराई है।
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सीओ कल्याण सिंह का कहना है कि आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों को लगा दिया गया है। आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ 7सीएलए में भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
आपराधिक इतिहास की वजह से नहीं बना है लाइसेंस
सीओ कल्याण सिंह ने बताया कि आरोपी पार्षद वीरू कुशवाहा व उसके भाई के खिलाफ कई मामले दर्ज है, इसलिए शस्त्र लाइसेंस भी नहीं बना है। इससे स्पष्ट होता है कि उसके पास अवैध राइफल व अन्य असलाह हैं। गिरफ्तारी के बाद ही पता लग पाएगा कि दरोगा पर तानी गई राइफल किसकी थी।
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कोतवाली अंतर्गत मिनर्वा पुलिस चौकी में तैनात दरोगा वीरेंद्र सिंह शनिवार को रात करीब साढ़े बारह बजे नई बस्ती स्थित जैन चौराहा पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी सपा के झंडा और नंबर प्लेट की जगह पार्षद लिखी सफारी गाड़ी जैन चौराहा के पास से गुजरी। संदेह होने पर दरोगा ने साथी सिपाही सत्यवीर सिंह व बृजेंद्र सिंह तोमर की मदद से सफारी को रुकवाया। पुलिस के अनुसार गाड़ी के रुकते ही सपा पार्षद वीरू कुशवाहा पुत्र रामकिशुन निवासी नई बस्ती अपने तीन साथियों के साथ राइफल व अन्य असलाह लेकर उतरे। गाड़ी से उतरते ही वीरू कुशवाहा ने दरोगा को गालियां देनी शुरू कर दीं। जब दरोगा ने विरोध किया तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दरोगा से मारपीट शुरू कर दी। वर्दी फाड़ते हुए बिल्ले व स्टार नोंचकर फेंक दिए।
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हमलावरों से जूझते हुए दरोगा ने बिना चेकिंग गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने की बात कही तो पार्षद ने उनके सीने पर राइफल लगा दी। धमकी दी कि यदि एक भी कदम गाड़ी की तरफ बढ़ाया तो गोली मार दी जाएगी। इस बीच सिपाहियों ने वायरलेस से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती तब तक आरोपी पार्षद अपने साथियों के साथ भाग गया। पीड़ित दरोगा ने इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली में पार्षद वीरू कुशवाहा व उसके साथियों के खिलाफ दर्ज कराई है।
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सीओ कल्याण सिंह का कहना है कि आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों को लगा दिया गया है। आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ 7सीएलए में भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
आपराधिक इतिहास की वजह से नहीं बना है लाइसेंस
सीओ कल्याण सिंह ने बताया कि आरोपी पार्षद वीरू कुशवाहा व उसके भाई के खिलाफ कई मामले दर्ज है, इसलिए शस्त्र लाइसेंस भी नहीं बना है। इससे स्पष्ट होता है कि उसके पास अवैध राइफल व अन्य असलाह हैं। गिरफ्तारी के बाद ही पता लग पाएगा कि दरोगा पर तानी गई राइफल किसकी थी।