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रसमलाई खाते ही हो गए अचेत
Wed, 12 Jun 2019 01:05 AM IST
देवेंद्र कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 12 Jun 2019 01:05 AM IST
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aachet case in jhansi
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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शादी में सभी खुशियां मना रहे थे। दूर दराज के रिश्तेदार भी शिरकत करने पहुंचे। जयमाला के बाद सभी ने खाना खाया और उसके बाद मिठाई में रस मलाई। स्वाद में बेहतर दिखने वाली इस मिठाई में न जाने ऐसा क्या था कि सभी को एक-एक कर उलटियां होना शुरू हो गई और अचेत होने लगे। शादी के इस माहौल में विघ्न पड़ गया और अधिकांश रिश्तेदार बीमारों को अस्पताल तक ले गए।
आवास विकास के मोहन नामदेव के बेटे की शादी गुरसराय निवासी गुड्डू की बेटी से तय हुआ था। सोमवार को वर और वधु पक्ष से हजारों लोग शामिल होने पहुंचे। बाराती नाचते हुए संस्कार विवाह घर पहुंचे। रश्मों में शामिल होने के बाद सभी ने खाना खाया। खाने में दाल, रोटी, पूड़ी-सब्जी खाने के बाद सभी ने मुंह मीठा करने के लिए रसमलाई खाई। खाने के चंद मिनटों बाद सभी को उलटियां होने लगीं। आलम यह था कि मिठाई खाने के बाद कई लोग बोलने की हालत में नहीं थे। टीकमगढ़ निवासी सपना ने बताया कि ऐसा लग रहा था मानो गले बंद हो गया हो। सांस तक लेना मुश्किल लग रहा था। पति और बच्चे का भी कुछ यही हाल था।
कुछ ही देर में एक-एक कर सैकड़ों लोग उलटियां करने लगे और अचेतावस्था में पहुंच गए। शादी में इस घटना से अफरातफरी मच गई। वाहनों की मदद से एक दर्जन लोगों को सीपरी बाजार स्थित जर्मनी अस्पताल ले जाया गया पर इमरजेंसी वार्ड में बेड खाली न होने की वजह से सिर्फ एक दर्जन मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया और बाकी को वापस लौटा दिया। उनकी हालत और बिगड़ने लगी और 60 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया।
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वहां भी कुछ लोगों को भर्ती कराया गया और कुछ को तत्काल उपचार देने के बाद चलता कर दिया। वहां, भी बेड की व्यवस्था न होने से बाकी लोगों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। रायगंज निवासी लाखन सिंह ने बताया कि उनमें से तीन मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण लाइफ लाइन में भर्ती कराया गया। उनका मानना है कि 200 से अधिक लोग इसका शिकार हुए हैं।
ऐसे हुआ शक
शादी में अधिकांश ऐसे लोग थे, जिन्होंने शादी में सिर्फ रस मलाई ही खाई। वह भी फूड प्वाइजनिंग की जद में आ गए। इसमें से एक डेढ़ साल का लोकेश है, जिसे उसके पिता ने सिर्फ मिठाई ही खिलाई थी और उसे खाने के कुछ देर बार उसकी भी हालत बिगड़ गई।
ये हुए भर्ती
- राहुल नामदेव, सपना नामदेव, लोकेश नामदेव निवासीगण टीकमगढ़, लाखन सिंह, राजेश कुमार निवासीगण रायगंज, नरेंद्र कुमार चंदन कुमार निवासी आवास विकास, अनिल, सुर्यांशु, धनेश यादव, सुनील शिशुपाल, मीना, गौरी शंकर नामदेव, भगवत, शांति, नीलम, सीताराम, संपत, दीक्षा, प्रिंस, गोकुल, संतोष नामदेव, ललित, पूजा, सुशीला, भगवती सहित अन्य कई अचेत हुए।
अस्पतालों में नहीं व्यवस्था
इस घटना के बाद से स्पष्ट है कि सरकारी अस्पताल हो या निजी प्राईवेट अस्पताल यहां पर बड़ी संख्या में घटना होने पर उन्हें उपचार देने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मरीजों की मानें तो एक निजी अस्पताल ने बेड कम होने की बात कहकर कई को लौटा दिया तो वहीं सरकारी अस्पताल में कुछ को इंजेक्शन व दवा देने के बाद चलता कर दिया गया।
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आवास विकास के मोहन नामदेव के बेटे की शादी गुरसराय निवासी गुड्डू की बेटी से तय हुआ था। सोमवार को वर और वधु पक्ष से हजारों लोग शामिल होने पहुंचे। बाराती नाचते हुए संस्कार विवाह घर पहुंचे। रश्मों में शामिल होने के बाद सभी ने खाना खाया। खाने में दाल, रोटी, पूड़ी-सब्जी खाने के बाद सभी ने मुंह मीठा करने के लिए रसमलाई खाई। खाने के चंद मिनटों बाद सभी को उलटियां होने लगीं। आलम यह था कि मिठाई खाने के बाद कई लोग बोलने की हालत में नहीं थे। टीकमगढ़ निवासी सपना ने बताया कि ऐसा लग रहा था मानो गले बंद हो गया हो। सांस तक लेना मुश्किल लग रहा था। पति और बच्चे का भी कुछ यही हाल था।
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कुछ ही देर में एक-एक कर सैकड़ों लोग उलटियां करने लगे और अचेतावस्था में पहुंच गए। शादी में इस घटना से अफरातफरी मच गई। वाहनों की मदद से एक दर्जन लोगों को सीपरी बाजार स्थित जर्मनी अस्पताल ले जाया गया पर इमरजेंसी वार्ड में बेड खाली न होने की वजह से सिर्फ एक दर्जन मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया और बाकी को वापस लौटा दिया। उनकी हालत और बिगड़ने लगी और 60 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया।
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वहां भी कुछ लोगों को भर्ती कराया गया और कुछ को तत्काल उपचार देने के बाद चलता कर दिया। वहां, भी बेड की व्यवस्था न होने से बाकी लोगों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। रायगंज निवासी लाखन सिंह ने बताया कि उनमें से तीन मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण लाइफ लाइन में भर्ती कराया गया। उनका मानना है कि 200 से अधिक लोग इसका शिकार हुए हैं।
ऐसे हुआ शक
शादी में अधिकांश ऐसे लोग थे, जिन्होंने शादी में सिर्फ रस मलाई ही खाई। वह भी फूड प्वाइजनिंग की जद में आ गए। इसमें से एक डेढ़ साल का लोकेश है, जिसे उसके पिता ने सिर्फ मिठाई ही खिलाई थी और उसे खाने के कुछ देर बार उसकी भी हालत बिगड़ गई।
ये हुए भर्ती
- राहुल नामदेव, सपना नामदेव, लोकेश नामदेव निवासीगण टीकमगढ़, लाखन सिंह, राजेश कुमार निवासीगण रायगंज, नरेंद्र कुमार चंदन कुमार निवासी आवास विकास, अनिल, सुर्यांशु, धनेश यादव, सुनील शिशुपाल, मीना, गौरी शंकर नामदेव, भगवत, शांति, नीलम, सीताराम, संपत, दीक्षा, प्रिंस, गोकुल, संतोष नामदेव, ललित, पूजा, सुशीला, भगवती सहित अन्य कई अचेत हुए।
अस्पतालों में नहीं व्यवस्था
इस घटना के बाद से स्पष्ट है कि सरकारी अस्पताल हो या निजी प्राईवेट अस्पताल यहां पर बड़ी संख्या में घटना होने पर उन्हें उपचार देने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मरीजों की मानें तो एक निजी अस्पताल ने बेड कम होने की बात कहकर कई को लौटा दिया तो वहीं सरकारी अस्पताल में कुछ को इंजेक्शन व दवा देने के बाद चलता कर दिया गया।