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मोहन ने बरामद कराया महेंद्र का पर्स
ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2015 01:41 AM IST
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झांसी। चालक ही हत्या कर कार लूटने वाले एक और अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का पर्स, पहचान पत्र और कार की चाबी बरामद कर ली है। रिमांड पर आए अभियुक्त को शुक्रवार शाम पुलिस ने ग्वालियर जेल भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि आगरा के एत्मादपुर निवासी मोहन गुप्ता, ग्वालियर निवासी अंकुर कौशल और अभय गुप्ता जनवरी में झांसी घूमने आए थे। नौ जनवरी को उन्होंने चित्रा चौराहा से एक कार संख्या यूपी-93वाई- 9495 किराए पर उरई जाने के लिए ली। चालक महेंद्र कुमार माहौर पुत्र गंगाराम निवासी जर्मनी हास्पिटल के पास उन्हें सीपरी बाजार ले गया।
रास्ते में तीनों अभियुक्तों ने शराब पी और फिर चालक की हत्या कर कार लूटने की योजना बनाई। तीनों ने चिरगांव के पास चालक की हत्या कर शव फेंक दिया और कार लूटकर ग्वालियर चले गए। ग्वालियर में नो पार्किंग एरिया में खड़ी करने पर पुलिस ने कार जब्त कर ली। जब ग्वालियर पुलिस ने कार स्वामी से संपर्क किया तब चालक के गायब होने का पता चला। वहीं, चिरगांव पुलिस ने महेंद्र के शव का पोस्टमार्टम करा अंतिम संस्कार करवा दिया।
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खुलासे में जुटी सीपरी बाजार पुलिस ने कुछ दिन पूर्व ग्वालियर से रिमांड पर लिए अंकुर कौशल व अभय गुप्ता की निशानदेही मृतक का कुछ सामान बरामद किया। उन्होंने बताया कि मुख्य अभियुक्त मोहन गुप्ता है, जिस पर पुलिस ने शुक्रवार को उसे ग्वालियर जेल से कस्टडी रिमांड पर लिया। शुक्रवार को सीपरी बाजार पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मृतक महेंद्र का पर्स, पहचान पत्र और लूटी गई कार की चाबी बरामद की। शाम को पुलिस ने उसे दोबारा ग्वालियर जेल प्रशासन के हवाले कर दिया।
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पुलिस ने बताया कि आगरा के एत्मादपुर निवासी मोहन गुप्ता, ग्वालियर निवासी अंकुर कौशल और अभय गुप्ता जनवरी में झांसी घूमने आए थे। नौ जनवरी को उन्होंने चित्रा चौराहा से एक कार संख्या यूपी-93वाई- 9495 किराए पर उरई जाने के लिए ली। चालक महेंद्र कुमार माहौर पुत्र गंगाराम निवासी जर्मनी हास्पिटल के पास उन्हें सीपरी बाजार ले गया।
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रास्ते में तीनों अभियुक्तों ने शराब पी और फिर चालक की हत्या कर कार लूटने की योजना बनाई। तीनों ने चिरगांव के पास चालक की हत्या कर शव फेंक दिया और कार लूटकर ग्वालियर चले गए। ग्वालियर में नो पार्किंग एरिया में खड़ी करने पर पुलिस ने कार जब्त कर ली। जब ग्वालियर पुलिस ने कार स्वामी से संपर्क किया तब चालक के गायब होने का पता चला। वहीं, चिरगांव पुलिस ने महेंद्र के शव का पोस्टमार्टम करा अंतिम संस्कार करवा दिया।
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खुलासे में जुटी सीपरी बाजार पुलिस ने कुछ दिन पूर्व ग्वालियर से रिमांड पर लिए अंकुर कौशल व अभय गुप्ता की निशानदेही मृतक का कुछ सामान बरामद किया। उन्होंने बताया कि मुख्य अभियुक्त मोहन गुप्ता है, जिस पर पुलिस ने शुक्रवार को उसे ग्वालियर जेल से कस्टडी रिमांड पर लिया। शुक्रवार को सीपरी बाजार पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मृतक महेंद्र का पर्स, पहचान पत्र और लूटी गई कार की चाबी बरामद की। शाम को पुलिस ने उसे दोबारा ग्वालियर जेल प्रशासन के हवाले कर दिया।