फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   hijackers

अपहर्ता मांग रहे फिरौती, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

Thu, 21 Jan 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Thu, 21 Jan 2016 01:56 AM IST
विज्ञापन
hijackers
झांसी। चार माह पूर्व हुए एक युवक के अपहरण की रिपोर्ट थाना मऊरानीपुर पुलिस दर्ज नहीं कर रही है, जबकि अपहरणकर्ता छह लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन कर रहे हैं। परेशान परिजनों ने बुधवार को डीआईजी के दरबार में अपहरण के सबूत पेश कर कार्रवाई की गुहार लगाई।
विज्ञापन


मऊरानीपुर के परवारीपुरा निवासी हर प्रसाद पुत्र हरी दयाल कुशवाहा ने बताया कि चार सितंबर 2015 को उसका छोटा भाई दशरथ (18) बहन राजकुमारी को ओरछा स्थित ससुराल छोड़कर घर लौट रहा था। रास्ते में रानीपुर - मऊरानीपुर के बीच उसका अपहरण कर लिया गया। जब वह लौटकर घर नहीं आया तो परिजनों ने हर संभव जगह पर तलाशा मगर कोई सुराग नहीं लगा। सात सितंबर को उनके मोबाइल पर फोन आया।
विज्ञापन


फोन करने वाले व्यक्ति ने दशरथ का अपहरण करने की बात कहते हुए छह लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना मऊरानीपुर थाने पर दी मगर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद परिजनों के पास फिरौती के लिए कई फोन आए, जिनकी रिकार्डिंग तक उन्होंने पुलिस को सौंपी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक दिसंबर को अपहणकर्ताओं ने सबूत बतौर अपहृत के कपड़े घर में बंधे पशुओं के बाड़े के पास फेंककर फिरौती मांगी। परिजन कपड़े लेकर पुलिस के पास पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने इस बार रहम करते हुए अपहरण के जगह गुमशुदगी दर्ज कर ली। परिजनों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने घर के पास पिछले दिनों एक चिट्ठी फेंकी, जिसमें लिखा है कि उन्हें किसी और का अपहरण करना था।

धोखे से दशरथ का अपहरण हो गया है जिसकी वजह से वह छह लाख रुपये ही फिरौती मांग रहे हैं। परिजन फिर परेशान होकर मऊरानीपुर थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने फिर टरका दिया। इससे परेशान होकर बुधवार को परिजन डीआईजी के दरबार पहुंचे। उन्होंने फिरौती मांगने की रिकार्डिंग सुनाई और अपहर्ताओं द्वारा भेजा गया पत्र सौंपा। डीआईजी ने पीड़ितों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।


इस संबंध में मऊरानीपुर थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार का कहना है कि यह सच है कि दशरथ गायब है, मगर अपहरण जैसी कोई बात लगती नहीं है। फिरौती मांगने के लिए एक महिला व पुरुष फोन करते हैं। उनकी बातों से लगता है कि वह पीड़ित के साथ टप्पेबाजी करना चाहते हैं। इसकी वजह यह भी है कि पीड़ित के पास काफी जमीन है। फिरौती मांगने वाली महिला पुलिया के पास रुपये रखकर जाने की बात कहती है मगर अपहृत से बात नहीं कराती है। यदि उसने अपहरण किया होता तो इतने समय में बात करवाती।  मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed