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दूधिया प्रकरण: पी ड़ित ने दर्ज कराया बयान
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दूधिया प्रकरण: पीड़ित ने दर्ज कराया बयान
झांसी। आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक के उत्पीड़न का शिकार दूधिया बृजकिशोर ने बृहस्पतिवार को जांच अधिकारी सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय रामपाल सिंह के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई। साथ ही प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त के पास भी रिपोर्ट भेज दी गई है। हालांकि, अभी पीड़ित की गाड़ी थाने में ही रखी है।
मालूम हो कि दतिया के बगेदरी उदगुवां निवासी बृजकिशोर उर्फ पप्पू पुत्र खज्जू रानी लक्ष्मीबाई रेलवे कॉलोनी में रहने वाले आरपीएफ के (सहायक उपनिरीक्षक) एएसआई जयप्रकाश गौतम को दूध देता था। दो महीने पहले एएसआई क्वार्टर खाली कर बैरक में रहने लगे। आरोप है कि क्वार्टर खाली करने के बाद एएसआई ने उसके बकाया 3700 रुपये नहीं दिए। बाद में 24 मई को आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक जयप्रकाश गौतम ने दूधिया बृजकिशोर को थाने बुलाने के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया था। इतना ही नहीं, उसका बिना टिकट और बाइक का नो-पार्किंग में चालान कर दिया। बाद में वह दो हजार रुपये जुर्माना अदा कर छूट सका। जबकि, उसकी बाइक अभी तक थाने में खड़ी है। मामले में बुधवार को आरपीएफ कमांडेंट उमाकांत तिवारी ने जांच की जिम्मेदारी सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय रामपाल सिंह को सौंप दी थी। वहीं, पीड़ित इतना ज्यादा दहशत में था कि वह थाने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। काफी प्रयास के बाद वह बृहस्पतिवार को थाने आ गया। बाद में उसने जांच अधिकारी अजय रामपाल सिंह के समक्ष बयान दर्ज कराया। वहीं, जांच रिपोर्ट प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त इलाहाबाद जोन एसएन पांडे के पास भी भेज दी गई है।
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झांसी। आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक के उत्पीड़न का शिकार दूधिया बृजकिशोर ने बृहस्पतिवार को जांच अधिकारी सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय रामपाल सिंह के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई। साथ ही प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त के पास भी रिपोर्ट भेज दी गई है। हालांकि, अभी पीड़ित की गाड़ी थाने में ही रखी है।
मालूम हो कि दतिया के बगेदरी उदगुवां निवासी बृजकिशोर उर्फ पप्पू पुत्र खज्जू रानी लक्ष्मीबाई रेलवे कॉलोनी में रहने वाले आरपीएफ के (सहायक उपनिरीक्षक) एएसआई जयप्रकाश गौतम को दूध देता था। दो महीने पहले एएसआई क्वार्टर खाली कर बैरक में रहने लगे। आरोप है कि क्वार्टर खाली करने के बाद एएसआई ने उसके बकाया 3700 रुपये नहीं दिए। बाद में 24 मई को आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक जयप्रकाश गौतम ने दूधिया बृजकिशोर को थाने बुलाने के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया था। इतना ही नहीं, उसका बिना टिकट और बाइक का नो-पार्किंग में चालान कर दिया। बाद में वह दो हजार रुपये जुर्माना अदा कर छूट सका। जबकि, उसकी बाइक अभी तक थाने में खड़ी है। मामले में बुधवार को आरपीएफ कमांडेंट उमाकांत तिवारी ने जांच की जिम्मेदारी सहायक सुरक्षा आयुक्त अजय रामपाल सिंह को सौंप दी थी। वहीं, पीड़ित इतना ज्यादा दहशत में था कि वह थाने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। काफी प्रयास के बाद वह बृहस्पतिवार को थाने आ गया। बाद में उसने जांच अधिकारी अजय रामपाल सिंह के समक्ष बयान दर्ज कराया। वहीं, जांच रिपोर्ट प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त इलाहाबाद जोन एसएन पांडे के पास भी भेज दी गई है।
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